जालोर पुलिस की बड़ी कामयाबी: आखिर खुला राज: गणपतसिंह माण्डोली हत्याकांड का पर्दाफाश

 जालोर पुलिस की बड़ी कामयाबी: आखिर खुला राज: गणपतसिंह माण्डोली हत्याकांड का पर्दाफाश

अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग बना हत्या का कारण, महिला सहित तीन आरोपी गिरफ्तार



जालोर (उजीर सिलावट) जिले में लंबे समय से चर्चा में रहे गणपतसिंह माण्डोली हत्याकांड का आखिरकार खुलासा हो गया है। जिला पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में राहत की लहर है।

घटना की पृष्ठभूमि

28 अगस्त 2024 को माण्डोली निवासी कल्याणसिंह (48) ने थाना रामसीन में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनका भाई गणपतसिंह 27 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे अपनी दुकान से मोटरसाइकिल लेकर निकला था, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन ग्रामीणों की सूचना पर माण्डोली से कोलाया नाडा जाने वाली ग्रेवल सड़क पर गणपतसिंह की लाश उसकी मोटरसाइकिल के साथ मिली। शव के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह एक सुनियोजित हत्या है।

पुलिस की सक्रियता और जांच की दिशा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्रसिंह इन्दोलिया के निर्देशन में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्रसिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी और पारंपरिक दोनों तरीकों से जांच शुरू की। जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन, और गुप्त सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस ने लगातार निगरानी रखते हुए संदिग्धों से गहन पूछताछ की, जिसमें अंततः मामले का खुलासा हो गया।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है: गजेन्द्रसिंह पुत्र सुरेन्द्रसिंह, निवासी माण्डोली, वागाराम पुत्र कानाराम, निवासी माण्डोली, लच्छु देवी पत्नी सवाराम, निवासी माण्डोली, तीनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली है।

हत्या की असली वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हत्या के पीछे अवैध संबंधों और ब्लैकमेलिंग का विवाद था। आरोपियों और मृतक के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। बताया जा रहा है कि ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आरोपियों ने मिलकर गणपतसिंह को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या कर दी।



वारदात को कैसे दिया अंजाम

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गणपतसिंह को बहाने से सुनसान इलाके में बुलाया। वहां पहले से योजना बनाकर उस पर हमला किया गया। सिर पर गंभीर चोट पहुंचाकर उसकी हत्या कर दी गई और घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की गई।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरे मामले में पुलिस टीम की सतर्कता और तकनीकी दक्षता काबिल-ए-तारीफ रही। लगातार प्रयास, डिजिटल साक्ष्य और गुप्त सूचनाओं के समन्वय से पुलिस ने जटिल मामले को सुलझाने में सफलता प्राप्त की।

क्षेत्र में राहत, लोगों ने ली राहत की सांस

काफी समय से अनसुलझे इस हत्याकांड के खुलासे के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और तत्परता की सराहना की है।

आगे की जांच जारी

पुलिस का कहना है कि आरोपियों से आगे भी गहन पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। संभावना है कि जांच में कुछ और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

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