ईद से पहले लौटी मुस्कान
3 साल बाद बिछड़ा भाई मिला, गले लगकर रो पड़े दोनों
भरतपुर_ईद से ठीक पहले एक परिवार के लिए खुशियों का ऐसा पल आया, जिसका इंतजार वे पिछले तीन साल से कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का रहने वाला एक युवक अचानक अपने परिवार से मिला तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
दरअसल, नियाज मोहम्मद नाम का युवक साल 2023 में घर से अचानक लापता हो गया था। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिवार की चिंता और बढ़ गई थी। परिजनों ने हर जगह तलाश की, रिश्तेदारों से संपर्क किया, यहां तक कि थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
समय बीतता गया, लेकिन परिवार की उम्मीद कभी नहीं टूटी। उन्हें भरोसा था कि एक दिन नियाज जरूर लौटेगा।
इसी बीच, नियाज पीलीभीत की सड़कों पर भटकते हुए मिला। सूचना पर “अपना घर आश्रम” की टीम ने उसे रेस्क्यू कर भरतपुर स्थित आश्रम में भर्ती कराया। वहां उसका इलाज शुरू हुआ और धीरे-धीरे उसकी मानसिक हालत में सुधार आने लगा।
करीब डेढ़ साल के इलाज के बाद 18 मार्च को नियाज को अपने परिवार की याद आई। उसने अपने घर के बारे में जानकारी दी, जिसके आधार पर आश्रम प्रशासन ने पुलिस की मदद से उसके परिवार का पता लगाया।
वीडियो कॉल के जरिए जब परिवार ने नियाज को देखा, तो सभी भावुक हो उठे। तीन साल बाद बेटे और भाई को जिंदा और सुरक्षित देखकर उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
इसके बाद परिवार तुरंत भरतपुर आश्रम पहुंचा। जैसे ही नियाज और उसके बड़े भाई फैयाज आमने-सामने आए, दोनों एक-दूसरे के गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़े। यह दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
परिवार ने कहा कि उनके लिए इससे बड़ा कोई तोहफा नहीं हो सकता। ईद से पहले खोया हुआ बेटा और भाई मिल जाना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।
आखिरकार नियाज अपने परिवार के साथ पीलीभीत लौट गया, पीछे छोड़ गया एक ऐसी कहानी जो उम्मीद, धैर्य और इंसानियत की सबसे खूबसूरत मिसाल बन गई।