लॉकडाउन में समय का सदुपयोग, हम बेटिया किसी से कम नही

प्रवीण कुमार प्रजापत, एक आईना भारत 


आहोर -

पूरा विश्व इस समय कोरोना महामारी से लड़ रहा है। भारत मे भी लॉकडाउन चल रहा है।लॉकडाउन में एक तरफ बाहर घूमने और टिकटोक बनाने की लोगों में होड़ लगी हुई है, वहीं कुछ लोग घरों में रहकर रसोई बनाना, काज-बटन करना, कतरन का तकिया बनाना, सिलाई सीखना, क्राफ्ट, पेंटिंग व स्केच आदि नाना प्रकार के कार्य सीख रहे है।

इसी तरह सराणा (आहोर) हाल राजेन्द्रनगर आहोर निवासी भावना दहिया ने विभिन्न क्राफ्ट, स्केच व पेंटिंग्स बनाकर लॉकडाउन के समय का बेहतरीन सदुपयोग किया। जिसमे कोरोना सजगता स्केच को प्राथमिकता से बनाया। भावना बेहद ही प्रतिभाशाली विद्यार्थी है, इनके 10वी बोर्ड में 89.20% और 12वी बोर्ड कलावर्ग में 88.40% अंक प्राप्त कर आहोर क्षेत्र का नाम रोशन किया था। इन्हें जिला कलेक्टर एवं निर्वाचन अधिकारी जालोर द्वारा विधानसभा क्षेत्र आहोर के लिए कैम्पस अम्बेसेडर भी नियुक्त किया गया है। अभी आहोर महाविद्यालय से बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। भावना दहिया ने बताया कि पेंटिग्स, स्केच और वेस्ट से बेस्ट बनाने में उसकी बचपन से ही रुचि है और वो इसका श्रेय अपना पिताजी को देती है। भावना ने आगे कहा कि मेरे द्वारा अभी तक लगभग 50 स्केच, क्राफ्ट एवं पेंटिंग्स बना दी है जिसमे कोरोना के प्रति जागरूकता, मास्क, स्टे होम, हाथ नही मिलाना आदि स्केच बनाये और भी बनाऊंगी। मेरे पिताजी मेरे प्रेणास्रोत है जो हर वक्त मुझे अच्छा मार्गदर्शन देते रहते है। गौरतलब है कि इनके पिताजी नारायण लाल दहिया पेशे से शिक्षक है और राउमावि देवकी में वरिष्ठ अध्यापक के पद पर कार्यरत है। इनके पिता नारायण लाल दहिया ने बताया कि मुझे अपनी बेटियों पर गर्व है। इन्होंने हमेशा मेरा मान बढ़ाया है। बच्चों में सृजन की जन्मजात प्रवृति होती है। यदि उन्हें प्रोत्साहित किया जावे तो वो बहुत कुछ कर गुजरते है।
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