भाविक गुप्ता और जीविशा गुप्ता बने बेजुबानों के मददगार।

एक आईना भारत 

11 वर्षीय जीविशा गुप्ता और 6 वर्ष के भाविक गुप्ता अपने स्थानीय क्षेत्र हरमाड़ा में रह रहे बेजुबान पशु पक्षियों के लिए मदद के लिए आगे आए। दोनों भाई बहनों ने प्रण किया कि वे निरंतर आसपास में विचरण कर रहे हैं पशुओं के लिए हरे चारा लाएंगे। कोरोनावायरस की महामारी के चलते दोनों बच्चों की स्कूल की छुट्टियां चल रही है। तभी उन्होंने अपने पिताजी अमित गुप्ता को बताया कि आसपास रह रही गायों को लोक डाउन के दौरान खाना नहीं मिल पा रहा है। जिसकी वजह से वह काफी कमजोर हो गई। दोनों बच्चों के पिताजी अमित गुप्ता ने रोज सुबह हरा चारा उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर ली। जिसके चलते दोनों बच्चों ने हरा चारा डालना शुरू कर दिया।
जिविशा गुप्ता 100 मीटर की दौड़ में पहले भी रजत पदक जीत कर अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया था। अपने छोटे भाई भाविक गुप्ता के साथ मिलकर गायों को हरा चारा डालने से आसपास रह रहे सभी निवासियों ने उनके कार्य को बहुत ही अच्छा बताया। दोनों बच्चे सुबह गायों के लिए हरा चारे की व्यवस्था करते हैं और शाम को आसपास रह रहे पक्षियों के लिए ज्वार के दाने डालते हैं।
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