जोधपुर में राशन घोटाला उजागर:
4 साल बाद डीलर पर FIR, 7 लाख की रिकवरी भी लंबित
जोधपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। गांधीपुरा इलाके की एक राशन दुकान संचालक पर गेहूं वितरण में गड़बड़ी के आरोप में आखिरकार 4 साल बाद मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर करीब 7 लाख रुपए की हेराफेरी का आरोप है।
4 महीने तक नहीं बांटा गया गेहूं
जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में गांधीपुरा क्षेत्र के कई राशन कार्डधारकों को लगातार चार महीने तक गेहूं नहीं मिला। शिकायत मिलने पर विभागीय जांच कराई गई, जिसमें डीलर की गंभीर लापरवाही और अनियमितताएं उजागर हुईं।
जांच के बाद लाइसेंस हुआ रद्द
जिला रसद विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए पहले डीलर को नोटिस जारी किया और फिर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया। बाद में विस्तृत जांच के आधार पर दुकान का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया गया।
6.95 लाख की वसूली भी नहीं चुकाई
जांच में सामने आया कि गेहूं के कम वितरण और गड़बड़ी के चलते 6 लाख 95 हजार रुपए से अधिक की राशि वसूली योग्य है। विभाग ने वसूली के लिए नोटिस भी जारी किया, लेकिन आरोपी ने राशि जमा नहीं करवाई।
अब पुलिस करेगी जांच
लगातार अनदेखी के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है। अब पुलिस पूरे प्रकरण की जांच करेगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद राशन व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर प्रशासन की सख्ती साफ नजर आ रही है।