जालोर में 4 साल से चल रहा था फर्जी नौकरी रैकेट: 30 पीड़ित सामने, 200 लोगों से करोड़ों की ठगी, आरोपी फरार
जालोर- जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पिछले चार साल से सक्रिय एक गिरोह ने अब तक 200 से अधिक लोगों को निशाना बनाकर उनसे लाखों रुपए वसूले। मामले में अब तक 30 पीड़ित सामने आ चुके हैं, जबकि मुख्य आरोपी राकेश जीनगर फरार है।
शनिवार को तीन पीड़ितों ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इसके साथ ही 19 नए पीड़ित सामने आए हैं, जिससे कुल संख्या 30 हो गई है।
भरोसा जीतने के लिए फर्जी ज्वॉइनिंग तक करवाई
आरोप है कि आरोपी ने लोगों को विश्वास में लेने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए और कुछ को नगर निकायों में ज्वॉइनिंग तक करवा दी। बाद में यह सभी नियुक्तियां फर्जी साबित हुईं।
12 से 15 करोड़ रुपए तक की ठगी का अंदेशा
एफआईआर के अनुसार आरोपी ने प्रत्येक व्यक्ति से 3 लाख से 10 लाख रुपए तक लिए। अनुमान है कि अब तक करीब 12 से 15 करोड़ रुपए की ठगी की जा चुकी है। पहले सामने आए 11 मामलों में ही 56 लाख रुपए वसूले जाने की पुष्टि हुई थी।
नगर निकायों ने किया साफ इनकार
जालोर नगर परिषद समेत अन्य निकायों ने स्पष्ट किया है कि उनके रिकॉर्ड में ऐसी किसी भी नियुक्ति का कोई विवरण मौजूद नहीं है।
तत्कालीन आयुक्त दिलीप माथुर ने कहा कि उनके कार्यालय से कोई भी नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुआ है और सभी दस्तावेज फर्जी हैं।
लगातार बढ़ रही पीड़ितों की संख्या
जांच के दौरान लगातार नए पीड़ित सामने आ रहे हैं। कई लोगों से 2.5 लाख से 7 लाख रुपए तक वसूले जाने की बात भी सामने आई है।
आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही अन्य शिकायतों को भी इसी केस में जोड़कर व्यापक जांच की जा रही है।