कितना कठिन काम है 5 हजार गौमाताओं को पालना फिर भी संकल्पित है के पी संघवी परिवार गोशाला को चलाने को

एक आईना भारत सिरोही

सवांददाता हितेश कुमार रावल

सिरोही | इस संकट में पावापुरी गौशाला में 5 हजार पशुओं का लालन पालन करना और उनके लिए सूखा चारा,हरा चारा,पोष्टिक आहार,पीने का पानी की व्यवस्था करना कितना कठिन काम है फिर भी के पी संघवी परिवार गोशाला में किसी तरह की कटौती नही कर रहा है और डीसा से हरा चारा मंगवा रहा है ताकि पशुओ का स्वास्थ्य ठीक रहे । इन 5 हजार में दूध देने वाली गोमाता की संख्या मात्र 130 ही है।

 गोशाला को चलाने के लिए रोजाना ढाई लाख का खर्चा आता है।फिर भी के पी संघवी परिवार पिछले 20 वर्षो से नियमित इस गोशाला को बखूबी व बिना कोई कटौती के चला रहा है । इस कार्य मे सरकार की ओर से 6 माह तक अनुदान मिलने से काफी राहत मिली है  एक उपक्रम की तरह इस गोशाला को संचालन में संघवी परिवार की इच्छा शक्ति गजब की है और बाबुकाका ने जिस भावना से यह गोशाला खोली आज उनकी नई पीढ़ी भी उसी भावना के तहत इसका सुंदर संचालन कर रही है और देश मे इस गोशाला का एक विशिष्ट स्थान है ।

इतना होने के बावजूद भी इस प्राकृतिक आपदा में  लोगो की मदद में के पी संघवी परिवार पीछे नही रहा और के पी संघवी परिवार ने पी एम केयर्स में एक करोड़ का योगदान कर ट्रस्ट व सिरोही जिले का गौरव बढ़ाया
पी एम केयर्स में एक करोड़ का योगदान करने वाला जिले का  यह एक मात्र ट्रस्ट है । जब भी राज्य या देश मे कोई भी आपदा आई हो के पी संघवी परिवार सदा स्वेच्छा से आगे आता रहा है और राहत में भी वो गुणवता का पूरा ध्यान रखता है ।इस योगदान से  पहले अपनी जन्म भूमि पर संघवी परिवार ने अपनी ओर से 7 लाख रुपये देकर 1 हजार राशन किट सिरोही जिले के लिए तैयार करवाये । इस कार्य मे पावापुरी ट्रस्ट के ट्रस्टी भी आगे आये और इस काम मे जुड़े ओर अब तक सबने मिलकर कुल 4171 राशन किट लिखवाए और ट्रस्ट के चेयरमैन किशोर भाई संघवी ने इच्छा व्यक्त की कि कोई व्यक्ति जिले में भूखा नही रहे । इसलिए 35 लाख की लागत के कुल 5 हजार राशन किट वितरण का लक्ष्य रखा है । इसमे से अब तक 4033 किट वितरित किये जा चुके है । इतना ही नही रोहिड़ा आदिवासी क्षेत्र में भी भोजन पैकेट वितरण का काम चलाया जा रहा है उसमें भी अभी तक 1लाख 31 हजार का योगदान दिया गया है ।
जिला अस्पताल में 5 लाख 51 हजार का एक वेंटिलेटर भी भेंट किया ट्रस्ट ने अपनी कर्मभूमि सूरत में भी के पी संघवी परिवार ने अपनी हाई टेक रसोई घर मे 10 हजार भोजन तैयार कर वहां लॉकडाउन में फंसे लोगों को वितरण करवा रहा है ।
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