जीरे की फसल का समर्थन मूल्य घोषित करने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा ज्ञापन

 समर्थन मूल्य 180 रुपये प्रतिकिलो घोषित करे राज्य सरकार 

एक आईना भारत 

जालोर(निस)


वर्तमान समय में कोरोना महामारी के प्रकोप से जीरे का निर्यात पूर्ण रूप से बंद था जिसके कारण किसानों को जीरे की उपज का मूल्य मात्र ₹100 प्रति किलो के आसपास प्राप्त  हो रहा है वहीं गत वर्ष जीरे की उपज का मूल्य ₹150 प्रतिकिलो के  आसपास था भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवणसिंह राव बोरली ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर जालोर को  ज्ञापन दिया । पश्चिमी राजस्थान के जालोर -बाड़मेर जिले के अधिकांश भु-भाग पर किसानों द्वारा जीरे की फसल की बुवाई की जाती है  इस वर्ष जीरे की खेती के  प्रारंभ से ही टिड्डी दलों द्वारा हमला किया गया जिससे बड़ी मात्रा में खेती को नुकसान हुआ । जीरे की फसल पूर्ण रूप से पकने के समय क्षेत्र में ओलावृष्टि तेज हवा एवं बारिश से भी किसानों का नुकसान उठाना पड़ा है इस कारण से क्षेत्र के किसान पहले से ज्यादा नुकसान एवं परेशानी में थे। इस वर्ष जीरे की खेती करने वाले किसान टिड्डी  बरसात एवं कोरोना महामारी से हुए नुकसान से बहुत बड़ी परेशानी में है इन सभी संजोग से किसान की आय आधे से भी कम हो रही है और उत्पादन में कमी तथा प्रतिकिलो  मूल्य में कमी से किसानों को अत्यधिक आर्थिक नुकसान हो रहा है जिससे किसानों की स्थिति बहुत ही दयनीय हो रही है  समर्थन मूल्य की घोषणा करने का अधिकार राज्य सरकार को प्राप्त हैं आप इस वर्ष जीरे के किसानों को राहत प्रदान करने हेतु कम से कम ₹180 प्रतिकिलो का जीरे का समर्थन मूल्य घोषित करें जिससे हमारे जालौर जिले के के गरीब  किसानों को राहत एवं संकटकाल में  सहारा प्राप्त हो सके।
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