नाला निर्माण में देरी से तखतगढ़ के व्यापारी आक्रोशित

नाला निर्माण में देरी से तखतगढ़ के व्यापारी आक्रोशित

संवेदक पर धमकी देने का आरोप, 25 जनवरी से बाजार बंद की चेतावनी

रिपोर्ट: सोहनसिंह रावणा, तखतगढ़

तखतगढ़। नगर में चल रहे नाला निर्माण कार्य में अत्यधिक विलंब को लेकर व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। व्यापारियों ने कार्य के संवेदक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह दुकानदारों को राजकार्य में बाधा डालने का प्रकरण दर्ज कराने की धमकी दे रहा है। इस स्थिति से क्षुब्ध होकर व्यापारियों ने लामबंद होकर पुलिस थाना तथा उप तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

तखतगढ़ व्यापार एवं उद्योग मंडल के तत्वावधान में नगर के व्यापारियों द्वारा रैली निकाली गई। रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुलिस थाना और उप तहसील कार्यालय पहुंची, जहां व्यापारियों ने प्रशासन का ध्यान नाला निर्माण कार्य में हो रही अनावश्यक देरी की ओर आकृष्ट किया। व्यापारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री विद्यालय से चौराहा तक की मुख्य सड़क, जो नगर का प्रमुख प्रवेश मार्ग है, वहां नाला निर्माण कार्य की गति जानबूझकर धीमी रखी जा रही है।

व्यापारियों ने बताया कि संवेदक द्वारा नाला खोदकर लंबे समय तक कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे कई दुकानों के आगे आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इसके कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं और अनेक व्यापारियों को मजबूरी में अपनी दुकानें बंद रखनी पड़ रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से उनका व्यापार ठप पड़ा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने संवेदक से कार्य शीघ्र पूर्ण करने का आग्रह किया, तो उसने उल्टा दुकानदारों को धमकाते हुए कहा कि वे निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं और उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करा दिया जाएगा। इस रवैये से व्यापारियों में और अधिक रोष फैल गया है।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही नाला निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया और दुकानों के आगे आवागमन बहाल नहीं हुआ, तो वे 25 जनवरी से तखतगढ़ का बाजार अनिश्चित काल के लिए बंद कर उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।

व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि नाला निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए, संवेदक की कार्यप्रणाली की जांच की जाए तथा व्यापारियों को हो रहे नुकसान का संज्ञान लिया जाए। साथ ही, संवेदक द्वारा दी जा रही कथित धमकियों पर भी उचित कार्रवाई की जाए।

प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन तेज करने से पीछे नहीं हटेंगे।

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