जालोर में भीषण बस हादसा
पत्नी का सिर धड़ से अलग, पति का पैर कटा
स्लीपर बस पलटी, दंपती सहित 3 की मौत, 12 से ज्यादा गंभीर घायल
जालोर - जालोर में नेशनल हाईवे (NH-325) पर स्लीपर बस पलट गई। इस हादसे में दंपती सहित तीन लोगों की मौत हो गई। पत्नी का सिर धड़ से अलग हो गया, जबकि पति का पैर कट गया। इसके अलावा 12 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के समय अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे। दुर्घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया। रविवार देर रात करीब 11 बजे दुर्घटना अहोर थाना इलाके में गवरी गांव और गुड़ा बालोतान के बीच हुई। आरोप है कि बस ड्राइवर नशे में था। ड्राइविंग करते समय स्टीयरिंग को छोड़कर पान मसाला मिला रहा था। इस दौरान बस बेकाबू होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। इसके बाद बस पलट गई। बस जालोर से करौली जा रही थी। आहोर SHO करण सिंह ने बताया- टीआर जाणी ट्रेवल्स की एक निजी बस रविवार शाम करीब 6 बजे सांचौर से रवाना हुई थी। बस जालोर, आहोर और जयपुर होते हुए करौली जा रही थी। रात करीब 11.30 बजे आहोर थाना क्षेत्र के अगवरी गांव और गुड़ा बालोतान के बीच बस तेज रफ्तार में नीम के पेड़ से टकरा गई और सड़क किनारे पलट गई।
बेटे के परिवार से मिलने के लिए निकला था दंपती
सांचौर के लियादरा गांव निवासी फगलूराम (75) पुत्र हेमाराम बिश्नोई का पैर कटकर अलग हो गया। उनकी पत्नी हाऊ देवी (65) का सिर धड़ से कटकर अलग हो गया। दोनों के शव बुरी तरह बस से दब गए थे। भरतपुर निवासी अमृतलाल पुत्र खिलाड़ीलाल ने इलाज के दौरान जालोर के जनरल हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। फगलूराम अपनी पत्नी के साथ बेटे के परिवार से मिलने के लिए अजमेर जा रहे थे।
तीन क्रेनों से सीधी कराई गई बस
आहोर SHO करण सिंह ने बताया- घटना की सूचना मिलते ही मैं टीम के साथ मौके पर पहुंच गया था। बस को सीधा करने के लिए तीन क्रेनों की मदद ली गई। इसके बाद घायलों को बाहर निकालकर आहोर के सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार, 13 यात्रियों को गंभीर चोटें आई थीं। इनको आहोर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इसमें से दो गंभीर घायलों को जालोर रेफर किया गया थो। इनमें से भरतपुर के अमृतलाल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
ड्राइवर पर नशे में बस चलाने का आरोप
बस में सवार यात्रियों ने बताया- बस को करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से ड्राइवर चला रहा था। यात्रियों ने ड्राइवर के शराब के नशे में होने का भी आरोप लगाया है। हादसे से कुछ दूर पहले एक होटल पर बस को रोकने का इशारा किया गया था, लेकिन तेज स्पीड होने के कारण बस नहीं रुकी। एक यात्री ने बताया कि ड्राइवर स्टीयरिंग छोड़कर पान मसाला मिला रहा था। इसी दौरान बस बेकाबू होकर पेड़ से टकराकर पलट गई।
शीशा तोड़कर बचाई जान
बस में सवार हरी गुर्जर ने बताया कि वह सांचौर से जयपुर जा रहे थे। सफर के दौरान सो रहे थे। अचानक तेज झटका लगा और बस पलट गई। हादसे के बाद यात्रियों ने शीशे तोड़कर किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाई।
ये हुए घायल
घायलों में सांचौर निवासी प्रवीण कुमार पुत्र सांवलाराम, मन बिश्नोई पुत्री मालाराम, भावना पुत्र चिमनाराम, बांसवाड़ा निवासी पूजा पुत्र रामचंद्र, दौसा निवासी हरीश पुत्र हरिगिलास गुर्जर, कुलदीप पुत्र लाखन बंजारा, सांचौर निवासी संदीप पुत्र कैलाश महेश्वरी, अलवर निवासी पवन पुत्र जगदीश प्रसाद, मेडाबागोड़ा निवासी हर्षन पुरी पुत्र इंद्र पुरी गोस्वामी और सांचौर निवासी दिलीप पुत्र बाबूलाल बिश्नोई शामिल हैं।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। ड्राइवर की लापरवाही और नशे में वाहन चलाने की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है।