कोरोना के आपातकाल के चलते विख्यात हुए कलाकार की कहानी


  केरु/जोधपुर 29 अप्रेल एक आईना सवांददाता -मदनसिंह राजपुरोहित

  कोरोना के आपातकाल के चलते फेमस हुए कलाकार की कहानी



जब दिल मे हो जज्बा तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती ये कहानी है जोधपुर के निकट एक छोटे से कस्बे केरू की इस गांव में रहने वाले कैलाश माली और उनकी धर्म पत्नी शोभा माली की ये दोनों गांव में छोटे मोटे जागरण में भजन गायकी करते है बड़े कलाकरों के जितना मुकाम हासिल नहीं है लेकिन इस लोकडाउन के कारण इनकी जिंदगी में एक अजीब सा मोड़ आया आपातकाल के चलते ये दोनों पति पत्नी अपने घर पर ही प्रेक्टिस करते है इन्होंने घर पर ही प्रेक्टिस करते हुए फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया जो माली समाज के संत श्री लिखमीदास के ऊपर गाया हुआ है जो कि बहुत ही अच्छा भजन है इस भजन को देख कर तथा सुन कर फेसबुक के मेंबर समाजसेवी बलवीर सिंह कच्छावाह ने शेखावाटी माली सैनी समाज के ग्रुप में शेयर किया इस ग्रुप के जरिये ये दोनों कलाकार इतने फेमस हो गए है कि 2 दिन में करीब 1 लाख लोग इस भजन को सुन कर  पसन्द कर चुके है और इस भजन को देखने व सुनने वालो की संख्या आग की तरह बढ़ती जा रही है।
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