एक महीने बाद भी टीकम चंद राजपुरोहित के हत्यारों की नहीं हुई गिरफ्तारी

एक महीने बाद भी टीकम चंद राजपुरोहित के हत्यारों की नहीं हुई गिरफ्तारी


एक आईना भारत/ भरतसिंह राजपुरोहित अगवरी

*आहोर निवासी बुजुर्ग की 10 दिसंबर रात हुई थी हत्या:

आहोर के टीमकचंद   राजपुरोहित की मौत का 1 माह बाद भी सुराग नहीं, पुलिस जांच पर उठ रहे सवाल*

लोग कहते हैं पुलिस के हाथ बहुत लंबे होते हैं आहोर पुलिस के हाथ हत्यारों तक क्यों नहीं पहुंचे  ? 

 क्या आहोर पुलिस टीकम चंद राजपुरोहित के हत्यारों को गिरफ्तार करेगी या फिर यह हत्या पहेली बन कर रह जाएगी  ? 

 आहोर थाना के अंतर्गत पूर्व में भी हो चुकी है 6 हत्याएं जिसका राज खोलने में पुलिस रह चुकी है  नाकाम

आहोर कस्बे के खेतेश्वर कॉलोनी निवासी टीकमचंद राजपुरोहित की मौत एक माह बाद भी रहस्य बनी हुई है। पुलिस इस मामले में अब तक यह पता नहीं लगा पाई है कि बुजुर्ग आहोर से करीब 10 किमी दूर भागली पुरोहितान तक कैसे पहुंचा एवं उसकी हत्या किसने की, पूरा मामला एक तरह से रहस्य बनकर रह गया है।

इधर, मामले को लेकर मृतक के परिजन न्याय को लेकर पुलिस थाने से लेकर कई बार उच्च अधिकारियों के पास चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन पीड़िताें को न्याय नहीं मिला है। जानकारी के अनुसार आहोर कस्बे के खेतेश्वर कॉलोनी निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग टीकमचंद उर्फ तिकमचंद (70) पुत्र सादलिंगजी राजपुरोहित का भागली पुरोहितान सरहद के सुरेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्थित तालाब के किनारे शव मिला था। बुजुर्ग के सिर में धारदार हथियार से वार कर हत्या की गई थी।
एक माह से मामला रहस्य बना, परिजन परेशान
10 दिसंबर रात को गायब होने के बाद 11 की सुबह शव मिला। पुत्र गोपालसिंह ने आहोर थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई। एक माह बीत जाने के बाद टीकमचंद की हत्या रहस्य बनी हुई है। मृतक के परिजन पुलिस थाने एवं उच्च अधिकारियों के पास न्याय के लिए कई चक्कर लगाने के बाद भी कोई न्याय नहीं मिला है। टीकमचंद का हत्यारा नहीं मिलने से परिजनों को भी डर सता रहा।

ये 4 सवाल अब तक अनसुलझे
1. हत्या क्यों हुई बुजुर्ग टीकमचंद राजपुरोहित के परिजनों के अनुसार किसी भी व्यक्ति से कोई रंजिश नहीं थी, लेकिन उसके बाद 10 दिसंबर की रात को धारदार हथियार से हमला कर बुजुर्ग की हत्या कर दी। पुलिस की जांच में भी अभी तक कोई खुलासा नहीं हो सका है कि हत्या किन कारणों से हुई।

2. भागली तक कैसे पहुंचा बुजुर्ग बुजुर्ग का शव आहोर कस्बे में स्थित खुद के मकान से करीब 10 किमी दूर स्थित भागली पुरोहितान गांव में मिला। 70 वर्ष की उम्र में बुजुर्ग खुद चलकर वहां तक नहीं पहुंच पाता। बुजुर्ग की हत्या के बाद शव भागली पुरोहितान में फेंका गया या फिर हत्यारों ने वहां ले जाकर हत्या की। इस सवाल का भी पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है।

3. आखिरी फोन पर किससे की बातचीत मृतक के पुत्र ने रिपोर्ट में बताया कि रात 8 बजे तक बुजुर्ग अपने घर पर ही था। 8 बजे के बाद उसके पास फोन आया। जिस पर घर से बाहर निकले थे, लेकिन उसके बाद वापस नहीं आए एवं सुबह हत्या की जानकारी मिली। जबकि पुलिस का कहना हैं कि अंतिम फोन उनके कोई अन्य कार्य से मिलने वालों का था, जिनसे पूछताछ कर ली।

4. दुश्मनी या रंजिश भी नहीं मृतक के परिजनाें के अनुसार टीकमचंद की किसी से दुश्मनी या रंजिश भी नहीं थी। इसके बावजूद किसी ने हत्या कर दी। किसी ने बिना रंजिश टीकमचंद काे क्याें मारा, यह भी बड़ा सवाल है।

   पुलिस सिर्फ आश्वासन दे रही है

 मेरे पिताजी की 1 महीने पहले हत्या हुई थी इस संबंध में मैंने मुकदमा भी दर्ज करवाया है मैं हर बार थाने जाता हूं तो वहां से जवाब मिलता है कार्रवाई चल रही है अगर 20 जनवरी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो मैं इस मामले को लेकर पुलिस महानिरीक्षक जोधपुर से मिलूंगा

 गोपाल सिंह राजपुरोहित
 मृतक का पुत्र 

 जालोर एसपी को देंगे ज्ञापन

 मृतक सीधे और भले आदमी थे
 इनके गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी फिर भी इनकी हत्या करके इनका सब भागली पुरोहितान के पास मिलना बहुत बड़ा दुर्भाग्य का विषय है आहोर पुलिस ने जल्द ही इस मामले का राज नहीं खोला तुम्हें मेरे समाज बंधुओं के साथ जालोर एसपी से मिलूंगा मैंने सीएलजी बैठक में भी यह मुद्दा उठाया था की रात्रि के समय पेट्रोलिंग ज्यादा बढ़ाई जाए 
 एक बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या हो जाती और पुलिस 1 माह बाद भी हत्यारों तक नहीं पहुंच पाती है

सुजा  प्रजापत
 सरपंच आहोर

 आहोर पुलिस थाने का करेंगे घेराव 

 मैं पूर्व में भी पीड़ित परिवार से मिल चुका हूं और 20 जनवरी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो मैं पीड़ित परिवार और सतीश कॉम के नेतृत्व में आहोर पुलिस थाने का घेराव करूंगा

           सुरेश नोरवा
 अध्यक्ष राष्ट्रीय भगवा स्वयंसेवक संघ 
   
 बहुत जल्द राज फाश करेंगे

 नए डीवाईएसपी हिम्मत चारण आए हैं उनको इस मामले की जांच दे रखी है कल ही उन्होंने मौका देखा है हत्यारों का अभी तक सुराग नहीं लगा है एक साथ पूरा राज ही खोलेंगे

 श्याम सिंह
 पुलिस अधीक्षक जालोर
और नया पुराने

Column Right

Facebook