मनरेगा भारत के ग्रामीण रोजगार का आधार – यादव
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आहोर क्षेत्र के गांवों में चौपालें आयोजित
जालोर।
आहोर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में गुरुवार को “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत व्यापक जनसंपर्क किया गया तथा ग्रामीणों के साथ चौपालें आयोजित की गईं। इस दौरान कांग्रेस के जिला प्रभारी सुमन यादव ने कहा कि मनरेगा भारत के ग्रामीण रोजगार का मजबूत आधार है, जिसने पिछले कई वर्षों से गांवों से होने वाले पलायन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य आमजन को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। विश्व में आज तक मनरेगा जैसी कोई अन्य योजना नहीं बनी है, जो इतने बड़े पैमाने पर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराती हो। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का स्वरूप बदलना, नाम बदलना और रोजगार की गारंटी समाप्त करना सीधे तौर पर गरीबों और श्रमिक वर्ग के अधिकारों पर कुठाराघात है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रमिला मेघवाल ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण परिवारों के जीवनयापन का मुख्य आधार बन चुकी है। गांव में ही रोजगार मिलने से परिवार का पालन-पोषण संभव हो पाता है, लेकिन केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण आमजन के हितों पर लगातार चोट की जा रही है।
विधानसभा प्रभारी डॉ. संजीव राजपुरोहित ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन की रीढ़ है। वर्षों से शहरों की ओर होने वाले पलायन पर इस योजना ने लगाम लगाई है, लेकिन अब केंद्र सरकार योजना के मूल बिंदुओं को बदलकर ग्रामीणों के साथ धोखा कर रही है। इसी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत जनजागरण कर रहे हैं।
पूर्व जिला अध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष एवं विधानसभा प्रत्याशी सरोज चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता सदैव जनता के हित के लिए संघर्ष करते आए हैं। मनरेगा विश्व की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना है, जिसे वर्तमान सरकार ने कमजोर करने की शुरुआत कर दी है। न तो रोजगार की स्पष्ट गारंटी रही है और न ही समुचित मॉनिटरिंग की व्यवस्था।
इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष आहोर गजेंद्र सिंह डोडियाली, संगठन महासचिव वीरेंद्र जोशी, जिला उपाध्यक्ष आमसिंह परिहार सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रायथल भवरानी, वेड़िया, जोगनी खेड़ा, भैसवाड़ा, चरली, गुड़ा बालोतान, थांवला, हरजी, पावटा, हरियाली, उमेदपुर एवं अगवरी सहित कई गांवों में जनसंपर्क कर चौपालें आयोजित की गईं।
कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी मीणा, मांगीलाल प्रजापत, वरिष्ठ कांग्रेसी बस्तीमल चौहान, पूर्व जिला परिषद सदस्य कुशाल सिंह राजपुरोहित, मंडल अध्यक्ष हस्तीमल सुथार, पीरसिंह बालोत, पूर्व एनएसयूआई जिला अध्यक्ष गजेंद्र सिंह, किसान नेता प्रताप आँजना, पोलाराम चौधरी, गेनाराम, चेनाराम, मोहन राम चौधरी, सुरेश चुन्नीलाल पुखराज, नरसाराम, बंसीराम भील, हिमताराम, खीमाराम कुईयाराम, प्रकाश, अलकेश्वर, बिलाराम रामलाल मेघवाल, शंकर लाल चौधरी, सुरेश थांवला, रतनाराम, सवाराम, राणाराम, करण सिंह, अशोक वैष्णव, कन्हैयालाल, ईश्वर सोलंकी, मुकेश बोस, सुरेश मेघवाल, तेज सिंह बालोत, विक्रम सिंह, वचनाराम मीणा, भरत सिंह, गणेश मीणा, बाबूलाल भील, अजयपाल सिंह बेदाना, महेंद्र सिंह, लक्ष्मण बाजक, गलबाराम एवं बाबूलाल भील सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को मनरेगा के महत्व और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया तथा योजना को कमजोर किए जाने के विरोध में एकजुट होने का आह्वान किया गया।