बालराई आंदोलन से जुड़े मामलों पर डीएनटी समाज का आक्रोश

बालराई आंदोलन से जुड़े मामलों पर डीएनटी समाज का आक्रोश

मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी आहोर को सौंपा विरोध ज्ञापन

आहोर, विशेष संवाददाता।
बालराई आंदोलन से जुड़े प्रकरणों को लेकर डीएनटी (डिनोटिफाइड ट्राइब्स) समाज का आक्रोश एक बार फिर सतह पर आ गया है। बुधवार को डीएनटी समाज के प्रतिनिधियों ने आहोर उपखंड कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम एक औपचारिक विरोध ज्ञापन उपखंड अधिकारी आहोर को सौंपा। ज्ञापन में आंदोलन के दौरान सरकार से हुए समझौतों के बावजूद हालिया गिरफ्तारियों पर कड़ा रोष व्यक्त किया गया।

आंदोलन के दौरान हुए समझौते की याद दिलाई

ज्ञापन में बताया गया कि बालराई आंदोलन के समय सरकार और डीएनटी समाज के बीच हुई वार्ताओं में समाज की पहली और प्रमुख मांग 78 आंदोलनकारियों पर दर्ज प्रकरणों को वापस लेने की थी। वार्ताओं के दौरान सरकार की ओर से यह भरोसा दिलाया गया था कि इन सभी मामलों को एफआर (फाइनल रिपोर्ट) के माध्यम से समाप्त किया जाएगा।

5 दिसंबर को हुई वार्ता में भी मंत्रियों द्वारा इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेने तथा गृहमंत्री से चर्चा कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया था। समाज का कहना है कि इन्हीं भरोसों के आधार पर आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से स्थगित किया गया था।

हालिया गिरफ्तारियों से भड़का आक्रोश

इसके बावजूद हाल ही में सुबह तड़के 4 से 5 बजे के बीच नौ लोगों को उनके घरों से गिरफ्तार किए जाने से डीएनटी समाज में भारी नाराजगी फैल गई है। ज्ञापन के अनुसार, इनमें से छह लोग वर्तमान में जेल में बंद हैं। समाज ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और सरकार की खुली वादाखिलाफी करार दिया।

समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया, वे आंदोलन के दौरान सरकार से हुए समझौते के तहत राहत पाने के पात्र थे, न कि जेल भेजे जाने के।

दमन और अन्याय के गंभीर आरोप

ज्ञापन में सरकार पर आंदोलन समाप्त कराने के लिए पहले आश्वासन देने और बाद में दमन की नीति अपनाने का आरोप लगाया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि डीएनटी समाज पिछले 78 वर्षों से लगातार अन्याय और उपेक्षा का शिकार रहा है और वर्तमान सरकार की यह कार्रवाई भी उसी अन्याय की श्रृंखला में एक और कड़ी जोड़ती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कमजोर, गरीब और वंचित समाजों को दबाने के लिए शक्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है तथा उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।

आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी

ज्ञापन में स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि दमन से डीएनटी समाज का आंदोलन कमजोर नहीं पड़ेगा, बल्कि और अधिक संगठित और मजबूत बनेगा। समाज ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही गिरफ्तार आंदोलनकारियों को रिहा नहीं किया गया और सभी दर्ज प्रकरण वापस नहीं लिए गए, तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और व्यापक रूप दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री से सीधी अपील

अंत में डीएनटी समाज की ओर से मुख्यमंत्री से अपील की गई कि वे सत्ता के अहंकार को त्यागकर लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करें, जेल में बंद निर्दोष लोगों को तुरंत रिहा करें तथा बालराई आंदोलन के दौरान किए गए सभी वादों को बिना विलंब लागू करें।

ज्ञापन को डीएनटी समाज की ओर से एक औपचारिक और अंतिम चेतावनी के रूप में प्रस्तुत किया गया।

ये रहे मौजूद 

DNT संघर्ष समिति जालोर सिरोही के संयोजक भरत सराधना के नेतृत्व में जिलाध्यक्ष छगन देवासी नागोलड़ी व विधानसभा अध्यक्ष नगाराम जी देवासी द्वारा DNT समुदाय ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर मुख्यालय आहोर को ज्ञापन दिया जिसमें भरत सराधना राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा इकाई, ब्लॉक अध्यक्ष राणाराम देवासी, शंकर देवासी, नगर अध्यक्ष शोभाराम, एडवोकेट देवाराम, भलाराम, वसुंधरा देवासी, वसनाराम, जगताराम, सकाराम सहित सभी DNT समुदाय के लोग उपस्थित रहे।

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