मनरेगा बचाओ महासंग्राम: आहोर क्षेत्र में जनसंपर्क व रात्रि चौपाल का आयोजन
गरीब और मज़दूर के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई – सरोज चौधरी
आहोर।
मनरेगा बचाओ महासंग्राम जनआंदोलन के तहत आहोर विधानसभा क्षेत्र की आहोर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा ग्राम स्तर पर जनसंपर्क अभियान एवं रात्रि चौपालों का आयोजन किया गया। इस दौरान विधायक प्रत्याशी सरोज चौधरी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल सत्ता के अहंकार के खिलाफ नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर और किसान के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प है।
सरोज चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म करने की कोशिश केवल एक योजना को समाप्त करना नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों गरीब और श्रमिक परिवारों से उनका हक छीनने की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय डॉ. मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा महात्मा गांधी के नाम पर शुरू की गई यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना बनी, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी और करोड़ों परिवारों को रोजगार, सम्मान और सुरक्षा प्रदान की।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तथाकथित “सुधारों” के नाम पर जानबूझकर मनरेगा को कमजोर कर रही है, जिससे गांवों के गरीब, भूमिहीन किसान और मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस अन्याय को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी और मनरेगा को खत्म करने के फैसले को वापस लेने तक संघर्ष जारी रहेगा।
महासंग्राम अभियान के तहत पादरली, रोडला, कवराड़ा, चांदराई, मिठड़ी, भागली एवं सांकरणा गांवों में जनसंपर्क किया गया तथा बैठकों व रात्रि चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को मनरेगा के महत्व और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह डोडीयाली, जिला उपाध्यक्ष आमसिंह परिहार, महिला जिला अध्यक्ष संतोष कंवर, मंडल अध्यक्ष हस्तीमल सुथार, प्रकाश सिंह, प्रेमसिंह मिठड़ी, कुशाल सिंह राजपुरोहित, वरिष्ठ कांग्रेसी बस्तीमल चौहान, सोनाराम मेघवाल, हनसिंह पादरली, हरिश माधव, वीराराम, भूपेन्द्र नरवाना, रूपाराम देवासी, मोहनराम, बालूसिंह राजपुरोहित, हरिश राव, दिनेश सांकरणा एवं बाबूराम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने मनरेगा को मजबूत बनाए रखने और रोजगार के अधिकार की रक्षा के लिए आंदोलन का समर्थन करने का संकल्प लिया।