जयपुर में नकली किन्नर गिरोह का खुलासा: यू-ट्यूब से सीखी ‘अदा’, बद्दुआ के नाम पर लाखों की वसूली

 जयपुर में नकली किन्नर गिरोह का खुलासा: यू-ट्यूब से सीखी ‘अदा’, बद्दुआ के नाम पर लाखों की वसूली

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जयपुर। राजधानी जयपुर में पुलिस ने एक ऐसे नकली किन्नर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो यू-ट्यूब वीडियो देखकर किन्नरों की बोलचाल, हाव-भाव और बद्दुआ देने की शैली सीखकर लोगों से वसूली करता था। गिरोह खासतौर पर परिवार वाली गाड़ियों को निशाना बनाकर डर और शर्मिंदगी का फायदा उठाता था।


9 आरोपी गिरफ्तार, हाईवे पर मचा रखा था आतंक

वैशाली नगर एसीपी अनिल शर्मा ने बताया कि 16 मार्च को करणी विहार थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें महिला किन्नर माही सैनी सहित चंदपाल उर्फ शैलेन्द्र, कोरी उर्फ मोनू, सूरज अरोरा उर्फ संजना, प्रतीक जाटव, योगेंद्र सिंह, भागचंद खटीक, वेदप्रकाश उर्फ वेदीका और रामावतार उर्फ रानी शामिल हैं।




यू-ट्यूब बना ‘ट्रेनिंग सेंटर’, सैकड़ों वीडियो देखकर सीखी एक्टिंग

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने यू-ट्यूब पर सैकड़ों वीडियो देखकर असली किन्नरों की पूरी नकल करना सीखा। साड़ी-ब्लाउज, मेकअप, नकली बाल और शरीर की बनावट तक पर ध्यान देकर खुद को असली किन्नर जैसा पेश करते थे। इसके बाद रेड लाइट और टोल प्लाजा पर सक्रिय होकर वसूली करते थे।


बद्दुआ का डर दिखाकर हर महीने लाखों की उगाही

गिरोह परिवार के साथ सफर कर रहे लोगों को टारगेट करता था। बद्दुआ देने का डर दिखाकर पैसों की मांग की जाती थी। रकम मिलने पर आशीर्वाद देकर आगे बढ़ जाते थे। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह हर महीने लाखों रुपए की वसूली करता था और प्रत्येक सदस्य का रोजाना 5 हजार रुपए तक का टारगेट तय था।




असली किन्नर सरगना, ‘गुरु दक्षिणा’ में मिलता था हिस्सा

चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह ने एक असली किन्नर माही सैनी को अपना सरगना बना रखा था। उससे रहन-सहन और तौर-तरीकों की ट्रेनिंग ली जाती थी। इसके बदले वसूली का एक हिस्सा ‘गुरु दक्षिणा’ के रूप में दिया जाता था।


विरोध करने पर गाली-गलौज और बदसलूकी

यदि कोई व्यक्ति पैसे देने से मना करता, तो आरोपी गाली-गलौज करते, गाड़ियों के शीशे पीटते और अश्लील हरकतों तक उतर आते थे। कई बार वे गाड़ी के आगे बैठकर रास्ता भी रोक लेते थे, जिससे लोग मजबूरी में पैसे देने को तैयार हो जाते थे।




नवविवाहित जोड़े और परिवार थे खास निशाने पर

गिरोह खासतौर पर उन गाड़ियों को निशाना बनाता था, जिनमें महिलाएं, बच्चे या नवविवाहित जोड़े होते थे। हाथों की मेहंदी और नई गाड़ी देखकर ज्यादा रकम की मांग की जाती थी।


यूपी-एमपी से जुड़े सदस्य, कई गैंग हुए अंडरग्राउंड

जांच में सामने आया कि गिरोह के अधिकांश सदस्य उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से जुड़े हैं। पुलिस कार्रवाई के बाद जयपुर-अजमेर हाईवे पर सक्रिय कई अन्य नकली किन्नर गैंग अंडरग्राउंड हो गए हैं।




मेहनत छोड़ आसान पैसे की चाह में जुड़ते गए सदस्य

पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह के कई सदस्य मेहनत-मजदूरी छोड़कर आसान कमाई के लालच में इसमें शामिल होते गए। वसूली से मिले पैसे का बड़ा हिस्सा नशे और शौक-मौज में खर्च किया जाता था।

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