दुजाना में श्रद्धा और एकता के साथ मनाई गई सरदार पटेल की 150वीं जयंती व इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि

 दुजाना में श्रद्धा और एकता के साथ मनाई गई सरदार पटेल की 150वीं जयंती व इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि



रिपोर्ट : सोहनसिंह रावणा, तखतगढ़

तखतगढ़।
दुजाना ग्राम में शुक्रवार को राष्ट्रीय एकता और बलिदान के प्रतीक दिवस के रूप में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि मनाई गई। ग्राम के मुख्य बस स्टैंड स्थित पूजा प्रतिक्षालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में ग्रामवासियों, कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दोनों महान नेताओं को नमन करते हुए देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए उनके योगदान को याद किया।

श्रद्धांजलि सभा में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत सरदार पटेल और इंदिरा गांधी के चित्रों पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई। उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर दोनों नेताओं के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।

सभा को संबोधित करते हुए किसान कांग्रेस जिला संयोजक शंकरलाल माली और ब्लॉक कांग्रेस सचिव डायाराम मीणा ने कहा कि सरदार पटेल के नेतृत्व और दूरदर्शिता से देश की 562 रियासतों का एकीकरण संभव हुआ। उन्होंने भारत को एक सूत्र में पिरोने का जो कार्य किया, वह इतिहास में सदैव अमर रहेगा।
इसी प्रकार, इंदिरा गांधी ने अपने दृढ़ संकल्प, निडरता और नेतृत्व क्षमता से भारत को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर स्थापित किया। उन्होंने हर वर्ग के उत्थान और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।

वक्ताओं ने एकता और सेवा का संदेश दिया

वक्ताओं ने कहा कि आज देश को फिर से सरदार पटेल और इंदिरा गांधी जैसे नेताओं की सोच और समर्पण की आवश्यकता है। उनके विचार और कार्य समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
सभा में युवाओं से आह्वान किया गया कि वे राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हुए एकता, सद्भावना और सेवा के पथ पर चलें।

ग्रामवासियों की सहभागिता

कार्यक्रम में ग्रामवासियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। उपस्थित लोगों ने कहा कि सरदार पटेल और इंदिरा गांधी दोनों ने देश के लिए जो कार्य किए, उन्हें भुलाया नहीं जा सकता। दोनों की जयंती-पुण्यतिथि का संयुक्त आयोजन देश की एकता और त्याग की भावना का प्रतीक है।

कार्यक्रम में उपस्थित रहे

इस अवसर पर कस्तूराराम मीणा, हरिसिंह राजपुरोहित, नेकाराम मीणा, कपूराराम मेघवाल, तगाराम मेघवाल, गोमाराम माली, मोहनलाल सरगरा, नाथूराम घासी, मोहनलाल मीणा, रुपाराम मीणा, कानाराम सरगरा, धर्मा महाराज, मगाराम मेघवाल, केसाराम प्रजापत सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
सभा के अंत में राष्ट्रगान गाकर कार्यक्रम का समापन किया गया।

और नया पुराने

Column Right

Facebook