नगर निगम में ठप हुआ जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्य आवेदक बोले- निगमकर्मी 15 दिन से चक्कर कटवा रहे, अब नए सिरे से फॉर्म भरना पड़ेगा

नगर निगम में ठप हुआ जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्य आवेदक बोले- निगमकर्मी 15 दिन से चक्कर कटवा रहे, अब नए सिरे से फॉर्म भरना पड़ेगा

जोधपुर। शहर में नगर निगम के एकीकरण के बाद अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र का काम पूरी तरह ठप हो गया है। निगम कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में आने वाले आवेदक बिना काम हुए ही लौट रहे हैं। निगमकर्मी सर्वर बंद होने का हवाला दे रहे हैं, वहीं परेशान जनता का कहना है कि पिछले 15 दिन से केवल "तीन दिन बाद आना" कहकर उन्हें वापस भेजा जा रहा है।

दो निगमों के मर्ज के बाद बढ़ी परेशानी

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जोधपुर में दो नगर निगम — जोधपुर उत्तर और जोधपुर दक्षिण — गठित किए गए थे, जिनमें क्रमशः 80-80 वार्ड शामिल थे। हाल ही में इन दोनों निगमों को मर्ज कर एक एकीकृत नगर निगम बना दिया गया है। सोमवार को महापौर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद संभागीय आयुक्त को निगम का प्रशासक नियुक्त किया गया। इसी प्रशासनिक बदलाव के बाद से ही नगर निगम का जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पोर्टल बंद पड़ा है।

निगम कार्यालय में लगाए गए बोर्डों पर साफ लिखा गया है कि “उत्तर और दक्षिण निगम का पोर्टल एक करने का कार्य जारी है, इस कारण सर्वर अस्थायी रूप से बंद है।” इसके चलते जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित समस्त सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।

आवेदकों की परेशानी — “15 दिन से चक्कर काट रहे हैं”


भगत की कोठी निवासी कालूराम ने बताया कि उनके दो जुड़वां बच्चों का जन्म उम्मेद अस्पताल में हुआ था। हॉस्पिटल प्रशासन ने जन्म प्रमाण पत्र हेतु आवश्यक दस्तावेज उन्हें सौंपे, जिन्हें उन्होंने करीब 15 दिन पहले नगर निगम में जमा कर दिए थे। लेकिन अब तक प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ। “हर बार बोल दिया जाता है कि सर्वर बंद है, तीन दिन बाद आना। अब कहा जा रहा है कि नए सिरे से फॉर्म भरना पड़ेगा,” उन्होंने नाराज़गी जताई।

इसी तरह नत्थूसिंह, जो शहर के भगत की कोठी क्षेत्र के ही निवासी हैं, ने बताया कि उन्होंने भी अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। “पहले तो कोर्ट से शपथ पत्र लाने को कहा गया। वह भी लेकर आ गए, लेकिन अब कहा जा रहा है कि निगम का एकीकरण हो गया है, इसलिए प्रमाण पत्र तीन दिन बाद ही मिलेगा। रोज़ाना चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं।”

रोजाना प्रभावित हो रहे सैकड़ों लोग

नगर निगम के अनुसार, सामान्य दिनों में करीब 250 जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन प्रतिदिन आते हैं। अब पोर्टल ठप होने के कारण ये सभी लंबित पड़े हैं। कई परिवार अपने बच्चों के स्कूल प्रवेश, बीमा और अन्य सरकारी कामों में देरी का सामना कर रहे हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

नवनियुक्त प्रशासक एवं संभागीय आयुक्त प्रतिभा सिंह ने बताया कि “नगर निगम के एकीकरण के बाद कुछ तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। हमारा प्रयास है कि यह कार्य जल्द से जल्द पूरा हो, ताकि जनता को असुविधा न हो। सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए पूरी टीम सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।”

जनता की मांग — “ऑनलाइन प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो”

लोगों की मांग है कि निगम प्रशासन जल्द से जल्द दोनों निगमों के डेटा को एकीकृत कर पोर्टल को पुनः चालू करे। ताकि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाओं में पारदर्शिता और तेजी लौट सके।

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