रैकी कर रात में चोरी करने वाली गैंग का खुलासा, दो शातिर गिरफ्तार
वारदात के बाद बस-ट्रेन से हो जाते थे फरार, कई जिलों में दर्ज हैं करीब 18 मामले
बाड़मेर/बालोतरा। जिले में बढ़ती चोरी की वारदातों के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बालोतरा पुलिस ने ‘ऑपरेशन अश्ववेग’ के तहत कार्रवाई करते हुए रैकी कर सूने मकानों में चोरी करने वाली शातिर गैंग का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिन में खाली मकानों की टोह लेते और रात के समय ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। वारदात के बाद वे बस या ट्रेन से तुरंत शहर छोड़कर फरार हो जाते थे, जिससे पुलिस को लंबे समय तक उनकी पहचान करने में मुश्किल आती रही।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न जिलों के थानों में पहले से करीब डेढ़ दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
किराए के मकान में चोरी से खुला मामला
मामले का खुलासा 6 फरवरी को दर्ज रिपोर्ट के बाद हुआ। रूगजी की पोल निवासी निलेश पुत्र घमंडीराम ने बालोतरा थाने में शिकायत दर्ज करवाई कि 5 फरवरी की रात वे अपने किराए के मकान के ग्राउंड फ्लोर पर सो रहे थे। इसी दौरान रात करीब 1 बजे अज्ञात चोरों ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर मकान के प्रथम तल पर प्रवेश किया।
चोरों ने एक कमरे की अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखी चांदी की पायल और करीब 20 हजार रुपए नकद चोरी कर लिए और मौके से फरार हो गए। सुबह घटना का पता चलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उनकी पहचान इंद्राज पुत्र धर्मपाल निवासी सतु कॉलोनी, सरदारशहर (चूरू) तथा संजय कुमार उर्फ संजु पुत्र श्योपतराम निवासी सुरेशिया, हनुमानगढ़ जंक्शन के रूप में हुई।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने चोरी की कई वारदातें करना स्वीकार कर लिया। पुलिस चोरी किए गए सामान की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
दिन में रैकी, रात में वारदात
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दिन के समय कॉलोनियों में घूमकर सूने और किराए के मकानों की पहचान करते थे। मकानों में ताला लगा होने या कम आवाजाही वाले घरों को निशाना बनाकर रात में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
आरोपी घरों के मुख्य गेट और कमरों के ताले तोड़कर अंदर घुसते और सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी चुरा लेते थे। वारदात के तुरंत बाद बस या रेल मार्ग से दूसरे शहर चले जाते थे, जिससे पुलिस को उनके ठिकाने तक पहुंचने में कठिनाई होती थी।
कई जिलों में फैला चोरी का नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने हनुमानगढ़, बीकानेर, सिरोही, पाली, बाड़मेर, जोधपुर कमिश्नरेट तथा नागौर सहित कई जिलों में चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 18 मामले दर्ज हैं। पुलिस अन्य मामलों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है तथा गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।