स्टेट टूर्नामेंट आयोजन पर स्कूलों को अब 1 लाख
बजट दोगुना लेकिन सिस्टम पर सवाल
बीकानेर-राजस्थान में राज्य स्तरीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब आयोजक स्कूलों को मिलने वाली राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दी गई है। यह बढ़ोतरी वर्ष 2026-27 के बजट में लागू की गई है, जिसका उद्देश्य खेल प्रतियोगिताओं का स्तर बेहतर करना है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, बढ़ती महंगाई और आयोजन पर आने वाले खर्च को देखते हुए बजट में यह वृद्धि जरूरी थी। यह राशि सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूलों को दी जाएगी, जो राज्य स्तरीय टूर्नामेंट आयोजित करते हैं।
हालांकि, बजट बढ़ने के बावजूद आयोजकों में पूरी संतुष्टि नहीं है। उनका कहना है कि मौजूदा भुगतान प्रणाली में कई खामियां हैं। उदाहरण के तौर पर, अलग-अलग आयु वर्ग (जैसे 17 और 19 वर्ष) और लड़के-लड़कियों की प्रतियोगिताओं को एक ही गेम मानकर भुगतान किया जाता है। इससे खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने के बावजूद खर्च के अनुसार राशि नहीं मिल पाती।
आयोजकों की मांग है कि हर आयु वर्ग और कैटेगरी को अलग इवेंट मानकर भुगतान किया जाए, ताकि वास्तविक खर्च का सही आकलन हो सके।
इसके अलावा, लंबे समय तक चलने वाले खेलों को लेकर भी नई व्यवस्था की जरूरत बताई जा रही है। कुछ प्रतियोगिताएं कई दिनों तक चलती हैं, जिनमें खिलाड़ियों के ठहरने और खाने-पीने का खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में प्रति खिलाड़ी और प्रति दिन के हिसाब से भुगतान की मांग भी जोर पकड़ रही है।
कुल मिलाकर, बजट में बढ़ोतरी को सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन आयोजकों का कहना है कि जब तक भुगतान प्रणाली में सुधार नहीं होगा, तब तक प्रतियोगिताओं की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं आ पाएगा।