भव्य भारत निर्माण को लेकर सायला में संगोष्ठी, शंकराचार्य प्रतिनिधि प्रेमचंद झा का उद्बोधन
श्रीमाली व राजपुरोहित ब्राह्मण समाज ने किया भव्य स्वागत
सायला, प्रियंक दवे।
उपखंड मुख्यालय सायला स्थित ब्रह्मपुरी एवं जूना तूरा गाला क्षेत्र के खेतेश्वर पंचधाम मंदिर में “भव्य भारत निर्माण” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गोवर्धन पीठ के प्रतिनिधि एवं पूज्यपाद जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज के कृपापात्र शिष्य, ब्राह्मण भूषण अधिवक्ता प्रेमचंद झा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में प्रेमचंद झा ने आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित चारों पीठों की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की सनातन परंपरा और संस्कृति का संरक्षण ही भव्य और सशक्त भारत की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जब तक नई पीढ़ी और मातृशक्ति को अपनी संस्कृति, धर्म और परंपराओं का ज्ञान नहीं होगा, तब तक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य को लेकर जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज देश के विभिन्न शैक्षणिक, वैज्ञानिक संस्थानों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान दे रहे हैं तथा गांव-गांव में संगोष्ठियों और सेवा प्रकल्पों के माध्यम से समाज में जनजागरण का कार्य किया जा रहा है।
प्रेमचंद झा ने कहा कि धर्मनिष्ठ, पक्षपात-विहीन और शोषणमुक्त व्यवस्था के लिए समाज का सुसंस्कृत, सुशिक्षित, सुरक्षित, संपन्न और सेवाभावी होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य को लेकर शंकराचार्य महाराज वर्ष में 250 से अधिक दिनों तक भारत और नेपाल में भ्रमण कर हिंदू समाज को जागृत करने का कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने गोवर्धन मठ द्वारा संचालित धार्मिक और सामाजिक अभियान में सहयोग देने का आश्वासन दिया। वक्ताओं ने सनातन संस्कृति के संरक्षण और समाज में धार्मिक मूल्यों के प्रसार के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर संवत 2082 फाल्गुन पूर्णिमा (3 मार्च 2026) को खेतेश्वर पंचधाम मंदिर में आयोजित भजन-प्रसादी के लाभार्थी चौराउ निवासी राजपुरोहित धर्माजी-मोमताजी परिवार (शिवराज, नरपतलाल, मदनलाल, पारसमल, अर्जुनलाल, छगनलाल, शेतानसिंह, दलपतसिंह सहित सोनोणी परिवार सांथुआ आतमणावास) रहे।
कार्यक्रम में सायला श्रीमाली ब्राह्मण समाज की ओर से पंडित गणपतलाल दवे, महेश दवे, प्रकाश दवे, हरीश दवे, किशोर त्रिवेदी, श्यामसुंदर दवे, जयंतिलाल दवे, मोहित त्रिवेदी, नवनीत दवे, प्रियंक दवे, मोहित दवे, विपुल दवे सहित अनेक गणमान्यजन, मातृशक्ति एवं युवा उपस्थित रहे।
वहीं राजपुरोहित विकास सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित समारोह में जगन्नाथ पुरी शंकराचार्य के प्रतिनिधि प्रेमचंद झा महाराज का माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट अध्यक्ष जेताराम बावतरा, कोषाध्यक्ष जबराराम चोराऊ, महामंत्री सावलराम थलवाड़, उपाध्यक्ष भवरसिंह चोराऊ, मांगीलाल राजपुरोहित, जेसाराम सायला, सचिव बलवता आसाणा, भेरजी पांथेड़ी, गेवरजी वालेरा, वगता राम तूरा, हदमतसिंह सायला, चेनसिंह पोसाणा, जोईताराम, दीपसिंह सायला, दिनेश राजपुरोहित, गणपत राजपुरोहित, जगदीश राजपुरोहित, कार्तिक राजपुरोहित, भोपाल सिंह राजपुरोहित सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में प्रेमचंद झा महाराज ने सनातन धर्म की महानता, हिंदू समाज की एकजुटता और समाज सेवा के महत्व पर जोर देते हुए सभी से धार्मिक मूल्यों का पालन करने तथा राष्ट्रहित में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।