जालोर के सिरे मंदिर में महायज्ञ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी आहुति
रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ पर हुआ भव्य आयोजन, धर्मसभा को किया संबोधित, भगवान शिव के किए दर्शन
जालोर (उजीर सिलावट) । जालोर जिले के कनकाचंल पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध सिरे मंदिर परिसर में सोमवार को रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित महायज्ञ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने यज्ञ कुंड में आहुति दी और मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।
धर्मसभा को किया संबोधित
महायज्ञ के बाद मंदिर परिसर में धर्मसभा का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के महत्व को बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं। उन्होंने भगवान शिव की महिमा का उल्लेख करते हुए लोगों से धर्म और संस्कृति के संरक्षण में योगदान देने की अपील की।
5 किलो के फूलों के हार से हुआ स्वागत
कार्यक्रम के दौरान मंदिर समिति और स्थानीय नागरिकों की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत किया गया। मंच पर उन्हें करीब पांच किलो फूलों से बने बड़े हार पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस मौके पर मंदिर समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
दूसरे दिन भी कार्यक्रमों में लिया भाग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने जालोर दौरे के दूसरे दिन भी सिरे मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने महायज्ञ में भाग लेने के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और धर्मसभा में उपस्थित साधु-संतों व श्रद्धालुओं को संबोधित किया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
रविवार को हेलिकॉप्टर से पहुंचे थे जालोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को हेलिकॉप्टर के माध्यम से जालोर पहुंचे थे। यहां उन्होंने सिरे मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ शांतिनाथ बालिका आदर्श स्कूल का भी दौरा किया। स्कूल में मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए जालोर की वीरता, त्याग और गौरवशाली परंपरा का उल्लेख किया। जनसभा के पश्चात मुख्यमंत्री सिरे मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने गादीपति के दर्शन किए और मंदिर परिसर में ही रात्रि विश्राम किया।