जालोर में दिल दहला देने वाली घटना: नवजात को झाड़ियों में फेंका, कीड़े रेंगते मिले; हालत गंभीर

 जालोर में दिल दहला देने वाली घटना:

 नवजात को झाड़ियों में फेंका, कीड़े रेंगते मिले; हालत गंभीर




राजस्थान के जालोर जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बागोड़ा थाना क्षेत्र के धुंबड़िया गांव के पास एक नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद झाड़ियों में फेंक दिया गया। बच्चे को सीमेंट के खाली कट्टे में डालकर कचरे और कांटेदार झाड़ियों के बीच छोड़ दिया गया था।

रोने की आवाज ने बचाई जान

मंगलवार सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच जवाई नदी के पास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों को किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में पहुंचे लोगों ने जब झाड़ियों में देखा तो एक कट्टे के अंदर नवजात शिशु पड़ा मिला।

ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे के शरीर पर कीड़े रेंग रहे थे और मक्खियां भिनभिना रही थीं। कांटेदार झाड़ियों के कारण उसके शरीर में कई जगह कांटे भी धंसे हुए थे। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने किया रेस्क्यू, अस्पताल पहुंचाया

सूचना मिलते ही बागोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बागोड़ा पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया।

शरीर पर चोट के निशान, हालत नाजुक

डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी। उसके सिर, हाथ-पैर और शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान मिले हैं। लंबे समय तक खुले में पड़े रहने के कारण उसका शुगर लेवल भी काफी गिर गया था।

प्राथमिक उपचार के बाद हालत थोड़ी स्थिर होने पर बच्चे को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल जालोर रेफर किया गया है। साथ ही मामले की सूचना बाल कल्याण समिति को भी दे दी गई है।

आरोपियों की तलाश में पुलिस

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किसने इस मासूम को इस हालत में छोड़ दिया।


 यह घटना एक बार फिर समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की जरूरत को उजागर करती है। नवजात को इस तरह फेंकना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि गंभीर अपराध भी है।

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