जोधपुर कांड के बाद अलर्ट: जैसलमेर जेल में कलेक्टर-एसपी की सर्जिकल तलाशी, नहीं मिला कुछ संदिग्ध
जैसलमेर। जोधपुर सेंट्रल जेल में इफ्तार पार्टी के फोटो वायरल होने और वहां से मोबाइल-सिम मिलने के बाद प्रदेशभर में जेल प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी के तहत जैसलमेर में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जिला कारागार में औचक निरीक्षण और सघन तलाशी अभियान चलाया।
जिला कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत और एसपी अभिषेक शिवहरे के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने करीब दो घंटे तक जेल परिसर की गहन जांच की। राहत की बात यह रही कि तलाशी के दौरान कोई भी प्रतिबंधित या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई।
भारी पुलिस जाब्ते के साथ पहुंची टीम
इस कार्रवाई की जानकारी पहले से जेल स्टाफ को भी नहीं थी। कलेक्टर और एसपी के साथ तीन आरपीएस अधिकारी, विभिन्न थानों के थानाधिकारी, करीब 45 पुलिसकर्मी और आरएसी जवान मौके पर पहुंचे। अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल प्रशासन में हलचल मच गई।
हर कोने की हुई बारीकी से जांच
जोधपुर जेल में मोबाइल फोन दीवारों और जमीन में छिपाकर रखने के मामले को ध्यान में रखते हुए जैसलमेर में भी बेहद सतर्कता बरती गई। टीम ने बैरकों, बिस्तरों, शौचालयों, स्टोर रूम और जेल की दीवारों की दरारों तक की बारीकी से जांच की। जेल उपाधीक्षक मुरली मनोहर भी पूरे अभियान के दौरान मौजूद रहे।
कैदियों से संवाद, व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कैदियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जेल की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। प्रशासन के अनुसार किसी भी बंदी ने कोई शिकायत नहीं की। भोजन और चिकित्सा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।
भविष्य में भी जारी रहेंगे औचक निरीक्षण
कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत ने कहा कि जोधपुर घटना के बाद एहतियातन यह कार्रवाई की गई है। जैसलमेर सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां सुरक्षा को और मजबूत करना प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।