बाड़मेर में 5 महीने बाद 1395 टीचर्स हुए स्थायी
गहलोत सरकार हुई थी भर्ती, SOG जांच में फंसा था मामला
बाड़मेर - बाड़मेर में करीब पांच महीने से अटका स्थाईकरण का मामला आखिरकार सुलझ गया। 1395 तृतीय श्रेणी टीचरों को स्थाई कर दिया गया। SOG जांच के कारण रुकी प्रक्रिया अब आगे बढ़ी है, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षकों को राहत मिली है। हालांकि, जिन मामलों में जांच लंबित है, उन पर अभी फैसला बाकी रहेगा।
DEO ने जारी किए आदेश, प्रोबेशन पूरी करने वालों को लाभ
मंगलवार शाम जिला शिक्षा अधिकारी कृष्ण सिंह महेचा ने आदेश जारी कर बताया कि लेवल फर्स्ट और सेकेंड के 1395 टीचरों ने दो साल का प्रोबेशन पीरियड पूरा कर लिया था, जिसके आधार पर उन्हें स्थाई किया गया है। स्थाईकरण उनकी प्रोबेशन अवधि पूरी होने की तारीख से ही प्रभावी माना जाएगा।
SOG जांच के कारण अटका था पूरा मामला
शिक्षक भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की जांच के चलते स्थाईकरण प्रक्रिया रोक दी गई थी। आदेश में साफ किया गया है कि जिन कार्मिकों के खिलाफ SOG में कोई कार्रवाई लंबित है, उन पर यह आदेश लागू नहीं होंगे।
2022-23 में हुई थी बड़ी भर्ती
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2022-23 के दौरान करीब 62 हजार तृतीय श्रेणी टीचरों की भर्ती हुई थी। इनमें से बाड़मेर जिले में 2000 से ज्यादा टीचरों को नियुक्ति दी गई थी।
सरकार बदलने के बाद शुरू हुई जांच
सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पूर्व सरकार की भर्तियों के दस्तावेजों की दोबारा जांच करवाई गई। पहले बाड़मेर शिक्षा विभाग ने जांच की। इसके बाद जालोर की टीम से भी दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। कुछ मामलों को संदिग्ध माना गया, लेकिन अब तक SOG ने कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की है।
सितंबर 2025 में पूरा हुआ प्रोबेशन, फिर भी लटका मामला
जांच के बीच सितंबर 2025 में बाड़मेर जिले के 2000 से ज्यादा टीचरों का प्रोबेशन पीरियड पूरा हो गया था, लेकिन इसके बावजूद स्थाईकरण नहीं हो पाया और मामला लंबित रहा।
पहले आदेश जारी, फिर कुछ घंटों में रद्द
प्रोबेशन पूरा होने के बाद शाला दर्पण पोर्टल के जरिए आवेदन मंगाए गए थे। 17 अक्टूबर को जिला स्थापना समिति की बैठक में 1491 कार्मिकों के स्थाईकरण को मंजूरी देकर आदेश जारी किए गए, लेकिन महज एक-दो घंटे बाद ही उसी दिन इन्हें रद्द कर दिया गया। इससे टीचरों में असमंजस की स्थिति बन गई थी।
अब राहत, लेकिन कुछ मामलों में फैसला बाकी
अब 1395 टीचरों को स्थाईकरण मिल गया है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। वहीं, जिन मामलों में जांच लंबित है, उन पर अंतिम निर्णय SOG की जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।