जालोर नगर परिषद में फर्जी भर्ती कांड:
संस्थापन प्रभारी गिरफ्तार, 3.50 लाख में बिकते थे नियुक्ति पत्
जालोर-नगर परिषद में फर्जी नियुक्तियों के बड़े खुलासे में पुलिस ने संस्थापन प्रभारी हीरालाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आयुक्त की मोहर का दुरुपयोग कर बेरोजगार युवाओं को नकली नियुक्ति पत्र देने का गंभीर आरोप है।
ठग के जरिए चल रहा था फर्जी भर्ती रैकेट
जांच में सामने आया कि हीरालाल, ठग राकेश जीनगर के साथ मिलकर यह पूरा खेल चला रहा था। राकेश लोगों से लाखों रुपए लेकर नौकरी दिलाने का झांसा देता और हीरालाल से मोहर लगे फर्जी नियुक्ति पत्र हासिल कर उन्हें सौंप देता। अब तक 7 से 8 फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने की बात सामने आई है।
3.50 लाख में ‘सरकारी नौकरी’
पीड़ित लालाराम ने पुलिस को बताया कि उससे 3.50 लाख रुपए लेकर उसके नाम से नियुक्ति पत्र दिया गया था। जांच में पुष्टि हुई कि यह पत्र नगर परिषद की मोहर से तैयार किया गया था, जिससे लोगों को भरोसा हो जाए।
नगर परिषद भवन से ही चल रहा था खेल
हैरानी की बात यह है कि जिस भवन में यह फर्जी भर्ती कार्यालय चल रहा था, उसका जिम्मा भी हीरालाल के पास था। नगर परिषद द्वारा ताले लगवाने के बावजूद आरोपी राकेश बार-बार ताले तोड़कर वहीं से काम करता रहा, लेकिन हीरालाल ने न तो इसकी सूचना दी और न ही कोई कार्रवाई करवाई।
शिकायत पत्र भी दबा दिए
मामले को दबाने के लिए हीरालाल ने तत्कालीन आयुक्त से शिकायत पत्र तो लिखवाए, लेकिन उन्हें थाने में जमा ही नहीं कराया। इससे उसकी भूमिका और अधिक संदिग्ध हो गई है।
पुलिस जांच में और खुलासे संभव
पुलिस ने हीरालाल को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। पहले ही इस मामले में राकेश जीनगर को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।