बागरा में करोड़ों का अस्पताल बना ‘शोपीस’,
उद्घाटन से पहले चला शिविर—अब फिर बंद दरवाजे
बागरा (ओमप्रकाश रावल)। ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया नया सरकारी अस्पताल भवन इन दिनों खुद ही सवालों के घेरे में है। आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित यह भवन लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे क्षेत्र के लोग इसके लाभ से वंचित हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि बिना विधिवत उद्घाटन के इस भवन में हाल ही में आयुर्वेदिक शिविर आयोजित किया गया, जिसमें करीब 10 दिनों तक मरीजों के ऑपरेशन भी किए गए। शिविर खत्म होते ही एक बार फिर अस्पताल के दरवाजों पर ताले जड़ दिए गए।
तैयार भवन, फिर भी बंद सेवाएं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बने इस नए अस्पताल भवन का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा हो चुका है। भवन में जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, लेकिन नियमित चिकित्सा सेवाएं शुरू नहीं होने से यह केवल ‘शोपीस’ बनकर रह गया है।
ग्रामीणों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भवन पूरी तरह तैयार है और शिविर भी सफलतापूर्वक संचालित हो चुका है, तो फिर स्थायी रूप से सेवाएं शुरू क्यों नहीं की जा रही हैं। इस लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सरकारी दावों पर सवाल
इस पूरे मामले ने सरकारी व्यवस्थाओं और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है। एक ओर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तैयार अस्पताल में ताले लगे होना कई सवाल खड़े कर रहा है।