राजस्थान में मौसम का कहर
4 अप्रैल तक तूफानी बारिश और ओलावृष्टि का खतरा, कई जिलों में हाई अलर्ट
राजस्थान-में मौसम ने खतरनाक करवट ले ली है। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर अब और भी भयावह होने वाला है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 4 अप्रैल तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में तेज तूफानी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिससे जनजीवन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
प्रदेश में सक्रिय हुए मजबूत मौसम सिस्टम ने हालात को और बिगाड़ दिया है। गुरुवार से शुरू हुआ यह बदलाव 3 और 4 अप्रैल को अपने चरम पर रहेगा। इस दौरान कई जिलों में तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश और बड़े आकार के ओले गिर सकते हैं।
बुधवार को भी कई इलाकों में मौसम अचानक बदला। दोपहर बाद घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। सीमावर्ती क्षेत्रों में बूंदाबांदी से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन अब खतरा और बढ़ गया है।
इस बीच तापमान भी लोगों को झुलसा रहा है। चित्तौड़गढ़ सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां पारा 38.6 डिग्री तक पहुंच गया। कई अन्य शहरों में तापमान 35 से 36 डिग्री के बीच बना रहा, जिससे उमस और गर्मी का असर बना हुआ है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दो दिन बेहद संवेदनशील हैं। तेज हवाएं, अचानक बदलता मौसम और ओलावृष्टि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है, खासकर ग्रामीण इलाकों में।
इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा:
- जालोर, जोधपुर
- श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर
- चूरू, झुंझुनूं, अलवर
- टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा
इन क्षेत्रों में तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना ज्यादा बताई गई है।
लोगों को सलाह दी गई है कि बेवजह घर से बाहर न निकलें, पेड़ों और कच्चे ढांचों से दूर रहें और मौसम के अपडेट पर नजर बनाए रखें।
मौसम का यह खतरनाक दौर 5 अप्रैल के बाद धीरे-धीरे शांत होगा, लेकिन तब तक सतर्क रहना बेहद जरूरी है।