टेलीग्राम पर ‘सैयद’ बनकर चला रहा था साजिश का नेटवर्क, जैसलमेर से मास्टरमाइंड
बिजनौर आगजनी केस में बड़ा खुलासा—राजूराम गोदारा निकला डिजिटल कंट्रोलर, विदेशी हैंडलर्स से जुड़े तार
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुई आगजनी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने राजस्थान के जैसलमेर जिले के नाचना क्षेत्र से राजूराम गोदारा नाम के युवक को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी टेलीग्राम पर ‘सैयद’ नाम से फर्जी पहचान बनाकर सक्रिय था और देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं को जोड़कर उन्हें भड़काने का काम कर रहा था। तकनीकी जांच और कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस ने उसके ठिकाने तक पहुंच बनाई।
यह मामला 4 मार्च को बिजनौर में एक पिकअप वाहन में आग लगाने की घटना से शुरू हुआ था। शुरुआत में इसे सामान्य घटना माना गया, लेकिन गहराई से जांच करने पर इसके तार राजस्थान तक जुड़ते मिले। इसके बाद यूपी पुलिस के इनपुट पर जैसलमेर में कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ और फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि राजूराम ही टेलीग्राम ग्रुप का एडमिन था और वही यूपी में सक्रिय युवाओं को निर्देश दे रहा था। उसके मोबाइल से विदेशी नंबरों से संपर्क, हथियारों की तस्वीरें और भड़काऊ चैट बरामद हुई हैं। जांच में यह भी सामने आया कि वह विदेश में बैठे कुछ संदिग्ध हैंडलर्स के संपर्क में था।
पुलिस के अनुसार, इससे पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के मोबाइल से भी राजूराम का कनेक्शन मिला था, जिन्होंने उसका नंबर ‘सैयद’ नाम से सेव कर रखा था ताकि पहचान छिपी रहे।
घटना के बाद जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और इसका दायरा कितना बड़ा है।
सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाके में इस तरह की गतिविधि सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। मामले की जांच अभी जारी है।