बिजली दरें जस की तस, लेकिन सरचार्ज का असर बरकरार:
EV चार्जिंग हुई सस्ती
राजस्थान में आम उपभोक्ताओं को फिलहाल बिजली दरों में राहत मिली है। राज्य विद्युत विनियामक आयोग (RERC) ने साल 2026-27 के लिए नया टैरिफ जारी करते हुए घरेलू बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। हालांकि सरचार्ज और अन्य अतिरिक्त शुल्क जारी रहने से बिल में हल्का असर जरूर देखने को मिल सकता है।
सबसे बड़ा बदलाव इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर के लिए किया गया है। अब EV चार्जिंग स्टेशनों पर लगने वाला फिक्स चार्ज पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जिससे चार्जिंग सस्ती होगी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, लेकिन सरचार्ज जारी
घरेलू बिजली दरें पहले की तरह ही रखी गई हैं। यानी 50 यूनिट तक 4.75 रुपए, 150 यूनिट तक 6 रुपए और 500 यूनिट तक 7 रुपए प्रति यूनिट ही रहेंगे। इससे आम उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिली है।
लेकिन बिजली कंपनियों के पुराने घाटे की भरपाई के लिए रेगुलेटरी सरचार्ज जारी रहेगा, जो उपभोक्ताओं के बिल में अतिरिक्त रूप से जुड़ता रहेगा।
EV चार्जिंग को बड़ा फायदा
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए EV चार्जिंग स्टेशनों पर फिक्स चार्ज समाप्त कर दिया है। पहले यहां प्रति KVA के हिसाब से शुल्क लिया जाता था। अब केवल 6 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से चार्जिंग होगी, जिससे ऑपरेटर और यूजर्स दोनों को राहत मिलेगी।
उद्योगों को भी राहत
मध्यम श्रेणी के उद्योगों के लिए बिजली दर 6.30 रुपए से घटाकर 6 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। इससे उद्योगों की लागत कम होगी और उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है।
वहीं बड़े उद्योगों के लिए दर 6.50 रुपए प्रति यूनिट तय की गई है।
टाइम के हिसाब से बिजली महंगी-सस्ती
10 किलोवॉट से ज्यादा लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ डे (TOD) सिस्टम लागू रहेगा।
- सुबह 6 से 8 बजे: 5% महंगी
- दोपहर 12 से 4 बजे: 10% सस्ती
- शाम 6 से रात 10 बजे: 10% महंगी
हालांकि स्ट्रीट लाइट कनेक्शनों को इस सिस्टम से बाहर रखा गया है, जिससे नगर निकायों को राहत मिलेगी।
सोलर और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा
रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं के लिए नेट बिलिंग व्यवस्था जारी रहेगी। ग्रीन एनर्जी लेने वालों को सामान्य दर से थोड़ा अतिरिक्त भुगतान करना होगा, लेकिन इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
डिस्कॉम घाटा कम करने पर जोर
आयोग ने साफ कहा है कि बिजली कंपनियों को 7 साल में अपना घाटा खत्म करना होगा। इसके लिए सरकार को समय पर सब्सिडी देने, बेहतर मॉनिटरिंग और सुधारात्मक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, बिजली की बेसिक दरें स्थिर रखी गई हैं, लेकिन सरचार्ज के जरिए डिस्कॉम की हालत सुधारने की कोशिश जारी है। वहीं EV और इंडस्ट्री सेक्टर को राहत देकर भविष्य की जरूरतों पर भी फोकस किया गया है।