JJM घोटाला
होटल में रिश्वत बांटकर दिलाए टेंडर, 3 अफसर फरार
राजस्थान के 960 करोड़ के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि जयपुर के एक होटल में अफसरों को बुलाकर रिश्वत बांटी गई और फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए फर्मों को टेंडर दिलाए गए। इस मामले में पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ACB जांच के अनुसार, इरकॉन कंपनी के नाम पर फर्जी वर्क कंप्लीशन सर्टिफिकेट तैयार करवाए गए, जिसके लिए करीब 15 लाख रुपए दिए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर मेसर्स गणपति ट्यूबवैल और मेसर्स श्याम ट्यूबवैल को टेंडर दिलाने में मदद की गई।
घोटाले में शामिल जलदाय विभाग के तीन अफसर—जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता—अब भी फरार हैं। ACB उनकी तलाश में 260 से ज्यादा जगहों पर दबिश दे चुकी है। गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अब उनकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी की जा रही है