SMS हॉस्पिटल में स्टाफ की जनगणना ड्यूटी पर विवाद, जरूरी सेवाएं प्रभावित होने का खतरा
राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में मंत्रालयिक कर्मचारियों की बड़ी संख्या को जनगणना कार्य में लगाए जाने से प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अस्पताल प्रबंधन ने इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
अस्पताल में कार्यरत कुल 65 मंत्रालयिक कर्मचारियों में से 38 को जनगणना ड्यूटी पर लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। यह संख्या कुल स्टाफ का लगभग 58 प्रतिशत है। इतने बड़े स्तर पर कर्मचारियों के हटने से अस्पताल की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था और कई महत्वपूर्ण सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
जरूरी योजनाओं और सेवाओं पर असर की आशंका
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ये कर्मचारी विभिन्न अहम कार्यों में जुड़े हुए हैं, जिनमें आरजीएचएस, मां योजना, वीवीआईपी प्रोटोकॉल, मेडिकल बोर्ड, दिव्यांग प्रमाणन और कोर्ट से जुड़े मेडिकल परीक्षण शामिल हैं। इनके अभाव में इन सेवाओं के संचालन में गंभीर बाधा आ सकती है।
कमिश्नर ने कलेक्टर को लिखा पत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर ने जयपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर इन कर्मचारियों की जनगणना ड्यूटी निरस्त करने की सिफारिश की है। साथ ही भविष्य में भी अस्पताल के मंत्रालयिक, लेखा और आईटी स्टाफ को ऐसे कार्यों से अलग रखने की बात कही गई है, ताकि मरीजों को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित न हों।
पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्य सचिव द्वारा भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि अस्पतालों के मंत्रालयिक और तकनीकी स्टाफ को चुनाव और जनगणना जैसे कार्यों में नहीं लगाया जाए। इसके बावजूद हालिया आदेशों ने एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन के फैसले पर नजर
अब इस पूरे मामले में जिला प्रशासन के निर्णय पर सबकी नजरें टिकी हैं कि क्या अस्पताल की कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को राहत दी जाएगी या जनगणना ड्यूटी जारी रहेगी।