संत राजेश्वर पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
रंगारंग प्रस्तुतियाँ, परेड और अतिथियों के सम्मान ने बढ़ाया आयोजन का गौरव
सायला (प्रियंक दवे)। संत राजेश्वर पब्लिक माध्यमिक विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व अद्वितीय देशभक्ति, उल्लास और अनुशासन के वातावरण में भव्य रूप से मनाया गया। विद्यालय परिसर देशभक्ति नारों, बच्चों की प्रस्तुतियों और उत्साह से गूंज उठा।
ध्वजारोहण और परेड
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री शंभू सिंह राजपूत वालेरा एवं संस्था प्रधान जितेंद्र चौधरी द्वारा तिरंगा फहराने से हुआ। “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के गगनभेदी उद्घोष के साथ विद्यालय प्रांगण गूंज उठा। तत्पश्चात सुसज्जित छात्र दलों ने अनुशासित परेड कर राष्ट्रध्वज को शौर्यपूर्ण सलामी दी।
आकर्षक प्रस्तुतियाँ
- कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे—
- नन्हे-मुन्ने बच्चों के लयबद्ध व्यायाम
- सांस्कृतिक नृत्य-नाट्य एवं देशभक्ति गीत
- “आग का गोला” जैसी साहसिक प्रस्तुतियाँ, जिनमें बाल कलाकारों ने अद्वितीय कौशल और साहस का परिचय दिया।
- इन मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर तालियों से पूरा वातावरण गुंजा दिया।
भामाशाहों का सहयोग और बच्चों के लिए उपहार
कार्यक्रम में बच्चों के लिए मिष्ठान की व्यवस्था भामाशाह श्री शंभू सिंह राजपूत वालेरा द्वारा की गई। इनाम वितरण भरत चौधरी की ओर से तथा टेंट हाउस व्यवस्था भामाशाह चौधरी चुन्नीलाल जी (भाद्राजू की ढाणी) द्वारा की गई। डॉ. जितेंद्र सोलंकी और श्री लालाराम चौधरी (लाइफ केयर हॉस्पिटल एवं सती मेडिकल स्टोर, सायला) की ओर से बच्चों को स्कूल बैग वितरित किए गए। संस्था प्रधान आचार्य ने सभी भामाशाहों और विशिष्ट अतिथियों का साफा, माला और स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
राष्ट्रीय पर्व का महत्व
अपने प्रेरणादायी संबोधन में संस्था प्रधान जितेंद्र चौधरी ने कहा— “राष्ट्रीय पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि यह अमर शहीदों के बलिदान, राष्ट्रप्रेम और एकता की अद्वितीय गाथाओं का स्मरण कराने का अवसर है। हमें अपनी भावी पीढ़ियों में देशभक्ति की ज्योति प्रज्वलित रखनी होगी और भारत की संप्रभुता, अखंडता एवं गौरव की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहना चाहिए।”
भव्य समापन
कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजन की भव्यता, अनुशासन और देशभक्ति की ऊर्जा ने उपस्थित जनमानस को गहराई तक प्रभावित किया और यह दिन सभी के हृदय में अमिट स्मृति बन गया।