महाकवि माघ महोत्सव पर विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन
हास्य, वीर रस और राजस्थानी रंग में डूबा भीनमाल, उमड़ा जनसैलाब
भीनमाल (प्रियंक दवे)।
महाकवि माघ महोत्सव के अंतर्गत रविवार को नगर में अखिल भारतीय स्तर का विराट कवि सम्मेलन भव्यता एवं गरिमा के साथ संपन्न हुआ। देर शाम से प्रारंभ हुआ यह साहित्यिक आयोजन देर रात तक चला, जिसमें हास्य, वीर रस, श्रृंगार और राजस्थानी लोकगीतों की सशक्त प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में साहित्य प्रेमी उमड़े, जिससे संपूर्ण वातावरण काव्य और संस्कृति के रंग में रंग गया।
कवि सम्मेलन के संयोजक एवं समन्वयक डॉ. घनश्याम व्यास ने बताया कि देश के सुप्रसिद्ध हास्य कवि मुन्ना बैटरी की रचनाओं पर श्रोता हँसी से लोटपोट हो गए और ठहाकों से पूरा पांडाल गूंज उठा। वहीं वीर रस के कवि शशिकांत यादव के कुशल संचालन में प्रारंभ हुआ यह काव्य पाठ श्रोताओं को वीरता, ओज और हास्य के भाव से देर रात तक बांधे रखने में सफल रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत आगरा से पधारी कवयित्री प्रिया खुशबू द्वारा सरस्वती वंदना एवं श्रृंगार रस की सुमधुर प्रस्तुति से हुई। इसके पश्चात वीर भूमि चित्तौड़ से आए कवि सोहन चौधरी ने अपनी ओजस्वी राजस्थानी रचनाओं से श्रोताओं में जोश भर दिया। उनकी चर्चित रचनाएं ‘पन्ना कालीवा’ और ‘बेवडो पनघट सू ल्याती’ पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं और बार-बार दाद दी।
हास्य कवि दीपक पारीक, बाबू बंजारा एवं लोकेश महाकाली ने अपने व्यंग्यात्मक काव्य पाठ से दर्शकों को गुदगुदाते हुए सामाजिक विसंगतियों पर तीखा प्रहार किया। वहीं कैलाश मंडेला ने पैरोडी के माध्यम से समाज और राजनीति पर रोचक किंतु सशक्त व्यंग्य प्रस्तुत कर देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।
भामाशाह परिवार द्वारा दीप प्रज्वलन, कवियों का हुआ सम्मान
कवि सम्मेलन से पूर्व कार्यक्रम के भामाशाह श्रीमती हुआ देवी मलाराम गहलोत परिवार द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। भामाशाह परिवार की पावन उपस्थिति में सभी कवियों को साफा, पुष्पमाला, शॉल, अंगवस्त्र एवं महाकवि माघ स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिकों एवं 36 कौम की उपस्थिति में मातोश्री हुआ देवी, अमर गहलोत एवं गहलोत परिवार का नागरिक सम्मान भी किया गया।
महाकवि माघ की नवीन प्रतिमा स्थापना के 21 वर्ष पूर्ण
कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में दिनेश दवे ने बताया कि महाकवि माघ की नवीन प्रतिमा को प्रतिस्थापित हुए 21 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि उस समय प्रतिमा स्थापना में कुंदनमल मेहता, सुखराज नाहर, स्व. ठाकुर सरदार सिंह ओपावत, स्व. घेवरचंद नाहर, स्व. देवीचंद वर्धन, मुफत सिंह राव, हक सिंह के राव, भारताराम सुंदेशा, सुंदर गहलोत, दिनेश दवे नवीन, सालूराम भाड़का, थानाराम देवासी, स्व. गणपत कंसारा सहित अनेक नगरवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसे नगर आज भी कृतज्ञता के साथ स्मरण करता है।
भामाशाह परिवार का आभार
नागरिकों ने मातोश्री हुआ देवी मलाराम गहलोत के जीवित अमृत महोत्सव के निमित्त आयोजित इस भव्य एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए गहलोत परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रशासनिक व सामाजिक सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान डीएसपी शंकरलाल मसूरिया, सीबीईओ गजेंद्र देवासी पुलिस जाब्ते सहित उपस्थित रहे। साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
इनमें प्रमुख रूप से सुंदरलाल गहलोत, रूपाराम गहलोत, दानाराम गहलोत, विक्रम गहलोत, अमर गहलोत, ठाकुर शेखर व्यास, हकसिंह के राव, ओटसिंह राव, मांगीलाल गहलोत, प्रेमाराम बंजारा, श्याम खेतावत, कन्हैयालाल खंडेलवाल, पहाड़ सिंह राव, डॉ. अक्षय बोहरा, जवाराम माली, मोहनसिंह सिसोदिया, कांतिलाल जैन, अशोक सेठ, सुनील मेहता, मुकेश बाफना, भरत सिंह भोजाणी, ओमप्रकाश माहेश्वरी, जीतू गहलोत, जोरावरसिंह राव, मेसराम देवासी, अमृत गहलोत, सुरेश बंजारा, थानाराम देवासी, दिनेश वत्सल, किशोर सांखला, सी.एल. गहलोत, सतीश सैन, सुरेश नामा सहित हजारों नगरवासी उपस्थित रहे।