5 साल बाद भी नहीं मिला विला, अब
बिल्डर पर एक्शन कोर्ट ने ऑफिस नीलामी के दिए आदेश
जोधपुर-में एक रियल एस्टेट विवाद में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए बिल्डर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। महानगर अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-2 प्रमोद बंसल की अदालत ने आदेशों की अवहेलना पर नाराजगी जताते हुए बिल्डर के सांगरिया स्थित सेल्स ऑफिस को नीलाम करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि न्यायिक आदेशों की अनदेखी गंभीर लापरवाही है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने 30 मार्च तक हर हाल में आदेश की पालना सुनिश्चित करने का समय दिया है।
5 साल से नहीं मिला कब्जा
मामले में परिवादी विमला बापना की ओर से अधिवक्ता अनिल भंडारी ने कोर्ट में बताया कि खरीदार ने अप्रैल 2017 में विला के लिए 37.21 लाख रुपए जमा कराए थे। इसके बाद विवाद होने पर लोक अदालत ने 6 नवंबर 2020 को खरीदार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विला तैयार कर सौंपने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद अब तक न तो विला का कब्जा दिया गया और न ही राशि वापस की गई।
बढ़कर 43 लाख से ज्यादा हुआ बकाया
अदालत के आदेश अनुसार
- जमा राशि पर 9% वार्षिक ब्याज
- कब्जा नहीं देने तक 12 हजार रुपए प्रतिमाह हर्जाना
इन सबको जोड़कर अब कुल बकाया राशि करीब 43.18 लाख रुपए हो चुकी है।
अब होगी वसूली
कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यदि आदेश की पालना नहीं की गई तो बकाया राशि की वसूली के लिए बिल्डर के ऑफिस की नीलामी की जाएगी।