मंत्री केके विश्नोई का कांग्रेस पर पलटवार
“फ्रांसीसी कंपनी को जमीन देने में देरी पिछली सरकार की देन”
जोधपुर-राजस्थान में इंडस्ट्री के लिए जमीन आवंटन को लेकर चल रही सियासत के बीच उद्योग राज्यमंत्री केके विश्नोई ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस फ्रांसीसी कंपनी को लेकर आज सवाल उठाए जा रहे हैं, उसी कंपनी को पिछली सरकार के दौरान जमीन नहीं मिल सकी थी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि कंपनी ने 2019-20 में ही निवेश के लिए आवेदन किया था, लेकिन उस समय कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। वर्तमान सरकार बनने के बाद निवेश को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कदम उठाए गए और “राइजिंग राजस्थान” पहल के तहत बड़े स्तर पर एमओयू किए गए, जिनमें से कई जमीन पर उतर भी चुके हैं।
उन्होंने बताया कि कंपनी के साथ जुलाई 2025 में समझौता हुआ, जिसके बाद बूंदी और कोटा में विभिन्न स्थानों पर जमीन दिखाई गई। शुरुआत में कंपनी ने विकसित जमीन की मांग की थी, लेकिन बाद में अर्द्ध विकसित जमीन लेने पर सहमति जताई, जिस पर प्रक्रिया जारी है।
मंत्री ने यह भी कहा कि फ्रांस के राजदूत द्वारा लिखी गई चिट्ठी जानकारी के अभाव में भेजी गई प्रतीत होती है, क्योंकि मामला पहले से प्रक्रियाधीन था। सरकार लगातार कंपनी के साथ समन्वय कर रही है ताकि जल्द से जल्द परियोजना शुरू हो सके।
वहीं, विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिससे राज्य में निवेश का माहौल प्रभावित हो सकता है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देना है और निवेशकों को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है।