जयपुर में हनुमान जन्मोत्सव की भव्यता
मंदिर बने महलों जैसे, 20 फीट प्रतिमा और शोभायात्राओं ने बढ़ाया आकर्षण
जयपुर-में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर इस बार भक्ति, आस्था और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। पूरे शहर में धार्मिक उत्साह चरम पर है और प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, आकर्षक सजावट, भजन-कीर्तन और विविध धार्मिक आयोजनों का सिलसिला लगातार जारी है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिरों में दर्शन के लिए उमड़ रही है, जिससे पूरा वातावरण हनुमानमय हो गया है।
शहर के प्रमुख स्थल बड़ी चौपड़ पर स्थापित 20 फीट ऊंची हनुमानजी की विशाल प्रतिमा इस बार उत्सव का मुख्य आकर्षण बनी हुई है। दूर-दूर से आए श्रद्धालु इस भव्य प्रतिमा के दर्शन कर रहे हैं और फोटो-वीडियो बनाकर इस खास पल को संजो रहे हैं। इसके साथ ही शहर के कई प्रमुख चौराहों पर विभिन्न मंदिरों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रही हैं।
हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर जयपुर के मंदिरों को महलों की तरह भव्य और आकर्षक रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटिंग, फूलों की सजावट और पारंपरिक कलाकृतियों से सजे मंदिर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान कर रहे हैं।
खोले के बालाजी मंदिर में इस अवसर पर विशेष आयोजन किए गए। यहां हनुमानजी को 31 किलो चांदी की पोशाक पहनाई गई, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही। साथ ही 108 औषधीय द्रव्यों और देशभर के विभिन्न तीर्थ स्थलों से लाए गए पवित्र जल से भगवान का भव्य महाभिषेक किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, सुंदरकांड पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज सुनाई दे रही है।
वहीं काले हनुमानजी मंदिर को गोटे और रंग-बिरंगी सजावट से “राममय महल” का रूप दिया गया है। लकड़ी के फ्रेम पर तैयार इस विशेष सजावट ने मंदिर की भव्यता को और बढ़ा दिया है। यहां सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो गए थे और दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा।
अंबाबाड़ी स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान का फूलों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। अभिषेक के बाद हनुमानजी को 56 भोग अर्पित किए गए और पूरे दिन भजन संध्या व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर से काले हनुमानजी मंदिर तक भव्य ध्वज पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे। भक्तगण जयकारों और भक्ति गीतों के साथ इस यात्रा में शामिल होकर अपनी आस्था व्यक्त करेंगे।
हनुमंत शोभा समिति द्वारा शहर में भव्य शोभायात्रा का आयोजन भी किया जा रहा है। इस शोभायात्रा में स्वर्ण मंडित रथ पर विराजित हनुमानजी नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। शोभायात्रा की विशेष बात यह है कि इसमें 10 इलेक्ट्रॉनिक झांकियां और 25 पारंपरिक झांकियां शामिल होंगी, जो रामायण के विभिन्न प्रसंगों और हनुमानजी के अलग-अलग स्वरूपों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भंडारे, भजन संध्या, सुंदरकांड पाठ और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। जगह-जगह “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों से वातावरण गूंज रहा है।
कुल मिलाकर, हनुमान जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर जयपुर पूरी तरह भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा में डूबा हुआ नजर आ रहा है, जहां हर गली-मोहल्ले में श्रद्धा और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।