30 वर्षों बाद मंदिर में फिर जागी आस्था की ज्योत
हरजी में धूमधाम से विराजे बाबा रामदेव, 30 साल बाद नव-निर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न
चौहान गौत्र मेघवाल समाज का भव्य आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में ऐतिहासिक पलआहोर / हरजी-हरजी कस्बे में चौहान गौत्र मेघवाल समाज द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम दिन बाबा रामदेव को नव-निर्मित मंदिर में विधिवत विराजमान कराया गया। करीब 30 वर्षों बाद मंदिर के जीर्णोद्धार के उपरांत यह ऐतिहासिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में आसपास के गांवों सहित क्षेत्रभर से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
संतों के सानिध्य में सम्पन्न हुए वैदिक अनुष्ठान
महोत्सव ढालोप मठ के पीर बालकनाथ महाराज, रणजीत आश्रम बालोतरा के अमृतराम महाराज, सोढ़ा मंडार के चेतनदास, मंछाराम, कृष्णदास एवं हरजी के दिनेश महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। प्रधान आचार्य ईश्वर विजल (गर्ग) एवं खुशवंत गर्ग के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सुबह 8 बजे अभिजीत मुहूर्त में शिल्पकार सम्पत सोमपुरा के निर्देशन में लाभार्थी मांगीलाल पीराराम चौहान परिवार द्वारा मूर्ति स्थापना की गई।
ढोल-नगाड़ों और जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
मूर्ति स्थापना के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और धमाकों की सलामी से वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंदिर परिसर "जय बाबा री" के जयकारों से गूंज उठा, वहीं महिलाओं ने मंगल गीत गाकर माहौल को और आध्यात्मिक बना दिया।
शिखर पर चढ़े स्वर्ण कलश, ध्वजा और धार्मिक प्रतीक
मंदिर शिखर पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के तहत - देवाराम चौहान द्वारा मुख्य स्वर्ण कलश, चिमनाराम चौहान द्वारा मंडप स्वर्ण कलश, शांतिलाल चौहान द्वारा अमर ध्वजा, गणेशाराम चौहान द्वारा दण्ड स्थापना, रूपाराम चौहान द्वारा मोबण स्थापना, की गई। मुख्य मूर्ति स्थापना के साथ गणपति, कपड़े का घोड़ा, रामदेव पगल्या, सायरजी, डाली बाई, मगनी बाई, हनुमान सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों की स्थापना भी की गई। हवन-यज्ञ के साथ पूर्णाहुति दी गई और ड्रोन के माध्यम से मंदिर शिखर पर पुष्प वर्षा की गई, जिसने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
महाप्रसादी में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में शंकरलाल चौहान द्वारा महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान चौहान नवयुवक मंडल ने व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संभाला।
भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु, देर रात तक चला कार्यक्रम
बुधवार रात्रि आयोजित भव्य भजन संध्या में भक्तिरस की गंगा बहती नजर आई। भजन गायक संत कन्हैयालाल कोसेलाव ने गणपति वंदना से शुरुआत की, जिसके बाद बाबा रामदेव के भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। नृत्य कलाकार कालू मारवाड़ी एवं कमलेश कुमार सिरोही की झांकियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगाए। युवक-युवतियों ने भजनों पर नृत्य कर उत्साह का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों, चढ़ावे के लाभार्थियों एवं जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया गया। मंच संचालन भीखाराम डांगी मादड़ी द्वारा किया गया