लसाड़िया में 6 बच्चों की मौत के बाद एक्शन: 4 अवैध क्लीनिक सीज, झोलाछाप फरार

 लसाड़िया में 6 बच्चों की मौत के बाद एक्शन

4 अवैध क्लीनिक सीज, झोलाछाप फरार


उदयपुर-सलूंबर जिले के लसाड़िया क्षेत्र में 6 मासूम बच्चों की लगातार हुई मौतों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और अवैध चिकित्सा प्रथाओं पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

गुरुवार को प्रशासन की संयुक्त टीम ने लसाड़िया और आसपास के इलाकों में अचानक छापेमारी कर 4 अवैध क्लीनिकों को सीज कर दिया। इनमें से तीन क्लीनिक लसाड़िया मुख्यालय पर चल रहे थे, जबकि एक क्लीनिक आंजणी क्षेत्र में संचालित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान जैसे ही सरकारी टीम बाजार पहुंची, झोलाछाप डॉक्टरों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग अपनी दुकानें खुली छोड़कर मौके से फरार हो गए।

जांच में सामने आया कि इन क्लीनिकों में बिना किसी मान्यता या डिग्री के मरीजों का इलाज किया जा रहा था। मरीजों को बिना जांच के तेज दवाइयां और इंजेक्शन दिए जा रहे थे, वहीं मामूली बीमारियों में भी ग्लूकोज चढ़ाना आम बात थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का इलाज सीधे तौर पर जानलेवा साबित हो सकता है।

इस कार्रवाई में तहसीलदार रामजीलाल गुर्जर, सीआई भरत सिंह राजपुरोहित, डॉ. गौरव परमार और ड्रग इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह सहित स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम शामिल रही। अधिकारियों ने मौके पर दवाइयों और उपकरणों की भी जांच की।

जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अवैध क्लीनिकों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क ग्रामीण इलाकों में काफी मजबूत हो चुका है, जिसके कारण लोग सरकारी अस्पतालों की बजाय इनके पास इलाज के लिए पहुंचते हैं। प्रशासन अब जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सही चिकित्सा सुविधाओं की ओर प्रेरित करने की तैयारी में है।

बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य गांवों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस अवैध धंधे पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

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