जोधपुर हाईकोर्ट में आसाराम की अपील पर सुनवाई पूरी,
फैसला सुरक्षित
नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में सुनवाई पूरी हो गई है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
आसाराम सहित सह-आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को चुनौती दी है। बचाव पक्ष की बहस पहले ही पूरी हो चुकी थी, जबकि पीड़िता पक्ष के वकील ने हाल ही में अपनी दलीलें रखीं। सोमवार को दोनों पक्षों की जिरह समाप्त होने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख दिया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 2013 का है, जब जोधपुर के मणाई स्थित आश्रम में एक नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। लंबी सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2018 को विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आसाराम को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब हाईकोर्ट में इस सजा को चुनौती दी गई है, जिस पर फैसला आना बाकी है।