जयपुर में निजी स्कूल बंद होने की खबर से हंगामा, फीस जमा कराने के बाद अभिभावक परेशान
जयपुर | श्याम नगर
राजधानी जयपुर के श्याम नगर स्थित द ट्री हाउस स्कूल को लेकर अचानक उठी बंद होने की खबर ने अभिभावकों में आक्रोश पैदा कर दिया। बुधवार को बड़ी संख्या में पेरेंट्स स्कूल पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
फीस जमा, फिर भी भविष्य पर संकट
अभिभावकों का कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही उन्होंने बच्चों की फीस जमा कर दी थी। इसके अलावा यूनिफॉर्म और किताबों पर भी हजारों रुपए खर्च किए जा चुके हैं। ऐसे में स्कूल बंद होने की चर्चा ने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
एक अभिभावक तमन्ना वैष्णव ने बताया कि पहले स्कूल की ओर से बोरिंग और निर्माण कार्य के कारण एक दिन की छुट्टी की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में स्कूल के स्थायी रूप से बंद होने की बात सामने आई।
पहले जानकारी क्यों नहीं दी?
अभिभावकों का आरोप है कि यदि स्कूल को किसी प्रकार का नोटिस मिला था, तो इसकी जानकारी पहले ही देनी चाहिए थी। अब अचानक इस स्थिति से उन्हें नए स्कूल में एडमिशन कराने में कठिनाई हो रही है।
दूसरे स्कूल में शिफ्ट का प्रस्ताव, पेरेंट्स असहमत
कुछ अभिभावकों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को करीब 9 किलोमीटर दूर स्थित दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने का सुझाव दिया है।
अभिभावकों का कहना है कि इतनी दूरी पर बच्चों को भेजना उनके लिए संभव नहीं है।
प्रबंधन ने बंद होने से किया इनकार
स्कूल की प्रिंसिपल सरिता शर्मा ने स्कूल बंद होने की बात को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा अफवाह फैलाई जा रही है और स्कूल का संचालन जारी रहेगा।
हालांकि, अभिभावक इस मौखिक बयान से संतुष्ट नहीं हैं और वे लिखित में स्पष्ट आश्वासन की मांग कर रहे हैं।
180 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका
स्कूल में करीब 180 छात्र पढ़ते हैं, जिनमें 45 बच्चे आरटीई (Right to Education) के तहत हैं। ऐसे में यदि स्थिति स्पष्ट नहीं होती है, तो बड़ी संख्या में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
अभिभावकों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने और स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है। फिलहाल स्कूल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
निष्कर्ष
फीस जमा होने के बाद स्कूल बंद होने की आशंका ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रबंधन और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।