जोधपुर/जयपुर-जोधपुर के डांगियावास थाना क्षेत्र में अवैध हथियारों के मामले में गिरफ्तार कॉन्स्टेबल, LDC और जयपुर के गन शॉप संचालक को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। तीनों आरोपियों को पुलिस जीप से कोर्ट लाया गया। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने जयपुर में आरोपी के घर और दुकान पर सर्च ऑपरेशन भी चलाया, जहां से बड़ी मात्रा में संदिग्ध हथियार और कारतूस बरामद हुए।
जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास से मिली .22 बोर की राइफल विदेशी (मेड इन इंग्लैंड) है। इसके अलावा 282 कारतूस बरामद किए गए, जिनमें कई प्रतिबंधित श्रेणी के हैं। इनमें .303 और 7.62 बोर के कारतूस शामिल हैं, जो आमतौर पर सेना और पुलिस उपयोग में आते हैं।
एटीएस की सूचना पर हुई कार्रवाई
आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की सूचना पर 1 अप्रैल को पुलिस ने एक काले रंग की क्रेटा कार को पकड़ा था। कार में सवार जैसलमेर निवासी हेड कॉन्स्टेबल अमीन खान और LDC वांगे खान को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 12 बोर की बंदूक, 30 कारतूस और नकदी बरामद हुई थी। पूछताछ में सामने आया कि दोनों जोधपुर से जैसलमेर जा रहे थे। अमीन खान पूर्व मंत्री का PSO (गनमैन) भी रह चुका है।
जयपुर से जुड़ा कनेक्शन
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अवैध बंदूक जयपुर के ‘शिकार गन हाउस’ से ली गई थी। आरोप है कि दुकान संचालक मोहम्मद जहीरूद्दीन ने 1.20 लाख रुपए लेकर पुरानी बंदूक के नंबर को नई 12 बोर बंदूक पर दर्ज कर दिया, जबकि इसका कोई वैध रिकॉर्ड नहीं रखा गया।
घर में मिला हथियारों का जखीरा
जयपुर के रामगंज इलाके में आरोपी के घर पर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया, जो करीब तीन घंटे तक चला। तलाशी के दौरान कबाड़ में छिपाकर रखे गए हथियार, कारतूस और टाइगर की खाल बरामद हुई। इस मामले में वन्यजीव अधिनियम के तहत भी अलग से केस दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध हथियारों की सप्लाई कहां-कहां तक हो रही थी