संघर्ष से सफलता तक: किसी ने बकरियां बेचीं, तो किसी ने सिलाई कर लिखी RAS की कहानी

 संघर्ष से सफलता तक: किसी ने बकरियां बेचीं, तो किसी ने सिलाई कर लिखी RAS की कहानी



जयपुर-। राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा-2024 का परिणाम इस बार सिर्फ रिजल्ट नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और जुनून की प्रेरणादायक कहानियां लेकर आया है। 18 अप्रैल को घोषित हुए इस रिजल्ट में कई ऐसे चेहरे सामने आए, जिन्होंने कठिन हालात के बावजूद सफलता की नई मिसाल कायम की।

किसी ने आर्थिक तंगी में पढ़ाई जारी रखी, तो किसी ने परिवार का सहारा बनने के लिए काम करते हुए तैयारी की। जयपुर के विकास चौधरी ने अपने पिता की समस्याओं को देखकर प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया और उसे हासिल कर दिखाया।

वहीं बीकानेर के छोटे से गांव के लोकेंद्र सिंह ने बकरियां बेचकर पढ़ाई का खर्च उठाया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने 33वीं रैंक हासिल कर गांव का नाम रोशन किया।

जोधपुर के दिनेश कुमार, जिनके माता-पिता कभी स्कूल नहीं गए, आज 7वीं रैंक के साथ प्रेरणा बन गए हैं। वहीं महेंद्र भाटी ने लेडीज कपड़ों की सिलाई करते हुए पढ़ाई जारी रखी और 72वीं रैंक हासिल की।

धौलपुर के अरिमर्दन सिंह ने अच्छी नौकरी छोड़कर तैयारी की और तीसरे प्रयास में सफलता पाई। वहीं कई उम्मीदवारों ने बार-बार असफलताओं के बाद भी हार नहीं मानी और अंततः लक्ष्य हासिल किया।

इन कहानियों में एक बात समान है—हौसला, मेहनत और परिवार का साथ। RAS-2024 के ये सफल उम्मीदवार साबित करते हैं कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल जरूर मिलती है

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